September 20, 2026

Employee Body Holds Meet on DA Arrears : शिमला। संयुक्त कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने DA एरियर समेत कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर वर्चुअल बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 32 विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया और लंबित मामलों को उचित मंच पर उठाने तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेश महासचिव हिरालाल वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा सहित प्रदेश के लगभग 32 विभिन्न विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में DA एरियर के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करते हुए कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों को एकजुट होकर उचित मंच पर उठाने तथा आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव एवं विचार रखे। प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों को प्रभावी ढंग से सामने रखने के लिए विभिन्न विभागों एवं कर्मचारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता आवश्यक है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े सभी विषयों को प्राथमिकता के आधार पर उचित मंच पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महासंघ का प्रयास रहेगा कि सभी विभागों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर आपसी संवाद एवं सहमति से आगामी रणनीति तैयार की जाए।
प्रदेश महासचिव हिरालाल वर्मा ने बैठक में शामिल सभी कर्मचारी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए व्यापक सहभागिता और निरंतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हमीरपुर से डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने कहा कि DA कर्मचारियों का हक है और DA एरियर का विषय कर्मचारियों के हितों से सीधे जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस विषय को उचित एवं सकारात्मक तरीके से संबंधित स्तर पर उठाने के लिए सभी कर्मचारी प्रतिनिधियों की एकजुटता महत्वपूर्ण है। बैठक में लगभग 32 विभागों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए तथा भविष्य में आवश्यकतानुसार सामूहिक रूप से आगामी रणनीति तय करने पर जोर दिया। महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को संवाद, संगठनात्मक एकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाने का क्रम आगे भी जारी रहेगा।