साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान वीडियो कॉल को उठाने से बचें और ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत बिना डरे साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
फरीदाबाद से सेक्सटॉर्शन रैकेट का खुलासा करते हुए पुलिस ने किये 3 आरोपी गिरफ्तार।
- Published: 20 Jul 2026, 03:03 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 05:22 PM IST
Cyber Crime: दिल्ली पुलिस की उत्तर-पूर्व जिला साइबर थाना टीम को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के जरिए लोगों को जाल में फंसाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फरीदाबाद से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर एक व्यक्ति को अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर 5.80 लाख रुपये ऐंठने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के तार राजस्थान के मेवात नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए तीनों आरोपी फरीदाबाद के रहने वाले हैं और मेवात के मुख्य सरगनाओं के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड अरेंज करने का काम करते थे:
- राजेश (18 वर्ष) - निवासी: जीवन नगर पार्ट-2, फरीदाबाद।
- कुनाल (22 वर्ष) - निवासी: एसी नगर, नीलम-बाटा रोड, फरीदाबाद।
- इमरान (23 वर्ष) - निवासी: एसी नगर, फरीदाबाद। (इमरान के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल और सिम बरामद हुआ है)
कैसे बिछाया गया 'हनीट्रैप' का जाल?
दिल्ली के गंगा विहार निवासी 44 वर्षीय पीड़ित के.एल. त्रिपाठी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 मई को उनके वॉट्सएप (WhatsApp) पर एक अनजान महिला की वीडियो कॉल आई। महिला ने सोशल मीडिया पर जान-पहचान होने का दावा किया और बातों-बातों में पीड़ित को आपत्तिजनक हरकत करने के लिए उकसाया। इसी दौरान आरोपियों ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए पीड़ित का वीडियो बना लिया।
वीडियो बनाने के कुछ देर बाद ही पीड़ित को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिसकर्मी, सरकारी अधिकारी और सोशल मीडिया कंपनी का रिप्रेजेंटेटिव बताया। उन्होंने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो यूट्यूब और फेसबुक पर वायरल कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी। बदनामी के डर से पीड़ित ने घबराकर आरोपियों द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई (UPI) आईडी और क्यूआर कोड के माध्यम से कई किश्तों में कुल 5,80,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बैंक खातों की कड़ियों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने उत्तर-पूर्व जिला साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राहुल कुमार की निगरानी में गठित टीम ने मामले की तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजैक्शन का विश्लेषण (Technical Analysis) शुरू किया।जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, उसकी जांच करते हुए पुलिस सबसे पहले फरीदाबाद के राजेश तक पहुंची। राजेश से पूछताछ के बाद इस चेन से जुड़े कुनाल और इमरान को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे मेवात से ऑपरेट होने वाले एक बड़े सेक्सटॉर्शन सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस की अपील
साइबर सेल के अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अनजान नंबर से अश्लील वीडियो कॉल आती है, तो उसे तुरंत डिस्कनेक्ट करें और स्क्रीन रिकॉर्डिंग से बचें। अगर आप किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग या सेक्सटॉर्शन का शिकार हो जाते हैं, तो बिल्कुल घबराएं नहीं और आरोपियों को पैसे ट्रांसफर न करें।तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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