August 19, 2026

राजस्थान: फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, भूमि रिकॉर्ड से लेकर फसल तक में हेराफेरी; किसानों-CSC संचालकों पर FIR के निर्देश

राजस्थान: फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, भूमि रिकॉर्ड से लेकर फसल तक में हेराफेरी; किसानों-CSC संचालकों पर FIR के निर्देश    

19 अगस्त 2026, जयपुर: राजस्थान: फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, भूमि रिकॉर्ड से लेकर फसल तक में हेराफेरी; किसानों-CSC संचालकों पर FIR के निर्देश – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(पीएमएफबीवाई) में फर्जी पॉलिसी बनाने वालों के खिलाफ राजस्थान कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाई गई।

आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल द्वारा फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी एवं फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी एवं जयपुर जिले के दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी एवं श्रीमती विनिता सैनी पत्नी श्री सीताराम सैनी, सीएससी (ई-मित्र) एवं अन्य किसानों के विरूद्व पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज FIR भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं में दर्ज करवाकर कठोर कार्यवाही के लिए निर्देश जारी किये गये हैं।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने फर्जीवाड़ा करने वाली सीएससी (ई-मित्र) तथा संबंधित किसानों के विरुद्ध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

फर्जीवाड़े के तरीके —

जांच में सामने आया है कि भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाई जा रही थी, बिना खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा करवाया जा रहा था, एक ही खसरा पर अनेक पॉलिसी जारी की जा रही थीं, खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र पर बीमा करवाया जा रहा था तथा वास्तविक बोई गई फसल के बजाय दूसरी फसल का बीमा करवाया जा रहा था। विभाग का मानना है कि इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा का संकल्प —

कृषि आयुक्त श्री गोयल ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए विभाग दृढ़ है। फर्जी पॉलिसी जारी करने में शामिल सीएससी (ई-मित्र), सहयोगी किसानों, सक्रिय दलालों, बीमा कंपनी के कर्मचारियों तथा वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

श्री गोयल ने सभी सीएससी (ई-मित्र) संचालकों, किसानों, दलालों, बीमा कर्मचारियों और वित्तीय संस्थाओं को आगाह किया है कि यदि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा। फर्जी तरीके से बनाई गई फसल बीमा पॉलिसियों को तत्काल निरस्त करवा लिया जाए, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

कृषि विभाग ईमानदार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और योजना का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।

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