चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) की ताजा पर्यावरणीय जांच में सुखना लेक के पानी की गुणवत्ता में कोई गिरावट नहीं मिली। वहीं, धनास लेक में पहुंचने वाले पानी को ट्रीटमेंट के बाद प्रदूषक तत्वों में अच्छी-खासी कमी दर्ज की गई।
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सुखना लेक की पानी की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग जनवरी से मार्च तक की गई, जबकि धनास लेक में ट्रीटमेंट से पहले और बाद के पानी के नमूनों की फरवरी में जांच की गई। हालांकि, झीलों के पानी की गुणवत्ता का सीधा संबंध शहर की हवा की गुणवत्ता से नहीं है। इसलिए इससे चंडीगढ़ में साफ हवा मिलने का दावा नहीं किया जा सकता।
सुखना साफ और धनास में ट्रीटमेंट असरदार:-
- सुखना का पानी साफ और संतोषजनक: मॉनिटरिंग के दौरान सुखना लेक के पानी का pH जनवरी में 8.1 और मार्च में 8.3 रहा, जो स्वीकार्य सीमा में है। पानी में घुली ऑक्सीजन (DO) जनवरी और फरवरी में 8.4 mg/l से बढ़कर मार्च में 9.4 mg/l हो गई।
- पर्यावरण की बेहतर स्थिति का संकेत: विशेषज्ञों के अनुसार, DO का अच्छा स्तर जलीय पर्यावरण की बेहतर स्थिति का संकेत है। बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) जनवरी और फरवरी में डिटेक्शन लिमिट से नीचे रही, जबकि मार्च में 2.8 mg/l दर्ज की गई। कम BOD पानी में जैविक प्रदूषण कम होने का संकेत माना जाता है।
- टर्बिडिटी घटी, पानी की पारदर्शिता बेहतर: जांच के दौरान टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) में मामूली बदलाव दर्ज हुआ। जनवरी में TSS 31 mg/l था, जो मार्च में बढ़कर 36 mg/l हो गया। हालांकि, टर्बिडिटी में लगातार कमी दर्ज की गई, जिससे पानी की पारदर्शिता में सुधार का संकेत मिला।
- मानकों में मामूली मौसमी बदलाव जरूर: कंडक्टिविटी, टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (TDS), टोटल फिक्स्ड सॉलिड्स (TFS) और TSS जैसे मानकों में मामूली मौसमी बदलाव जरूर मिले, लेकिन इनमें से किसी में भी पानी की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण गिरावट नहीं पाई गई। CPCC के आकलन के अनुसार, सुखना लेक का पानी अच्छी और संतोषजनक गुणवत्ता का रहा और गंभीर प्रदूषण के संकेत नहीं मिले।
- धनास में ट्रीटमेंट के बाद COD 37 से घटकर 17 mg/l: धनास लेक में फरवरी के दौरान ट्रीटमेंट से पहले और बाद के पानी की गुणवत्ता की तुलना की गई। ट्रीटमेंट के बाद केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) 37 mg/l से घटकर 17 mg/l रह गई। इसी तरह TSS 13 mg/l से घटकर 9 mg/l हो गया।
- सुखना लेक के पानी के समान रहा: पानी का pH 7.5 से घटकर 7.1 रहा, जो न्यूट्रल के करीब है। ट्रीटमेंट के बाद घुली ऑक्सीजन (DO) 7.2 mg/l दर्ज की गई, जिसे संतोषजनक माना गया। आकलन में पाया गया कि ट्रीट किया गया पानी गुणवत्ता के लिहाज से सुखना लेक के पानी के समान रहा।
झील में जाने से पहले प्रदूषक हटाने का असर
CPCC के आकलन के मुताबिक, धनास लेक में पानी पहुंचने से पहले किए जा रहे ट्रीटमेंट से प्रदूषक तत्वों को प्रभावी ढंग से कम किया जा रहा है। COD और TSS में आई कमी इसका प्रमुख संकेत है। इससे झील में जाने वाले पानी के प्रदूषण भार को कम करने में ट्रीटमेंट प्रक्रिया की प्रभावशीलता सामने आई है।