August 9, 2026

ग्वालियर में फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग लेने पहुंचे दो युवक, CMHO को शक होने पर खुला राज| Navbharat Live

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सार

Gwalior Police News : ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर दो युवक CMHO कार्यालय पहुंचे। पुलिस अब दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है।

Gwalior Fake Appointment Letter

CSP संदीप बागरे (फोटो सोर्स- नवभारत)

विस्तार

Gwalior Fake Appointment Letter: ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने की कोशिश का मामला सामने आया है। श्योपुर जिले के विजयपुर निवासी दो युवक कथित नियुक्ति पत्र लेकर ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय पहुंचे और ज्वाइनिंग देने की मांग करने लगे। दस्तावेजों की जांच के दौरान CMHO को नियुक्ति पत्र की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

जानकारी के अनुसार, विजयपुर निवासी संतोष अपने एक साथी के साथ ग्वालियर स्थित CMHO कार्यालय पहुंचा था। दोनों युवकों ने CMHO डॉ. एम.एस. सागर से मुलाकात की और स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती से संबंधित नियुक्ति पत्र सौंपते हुए ज्वाइनिंग देने की मांग की। युवकों का दावा था कि उन्हें विभाग में नियुक्ति मिली है और वे इसी आधार पर नौकरी ज्वाइन करने के लिए कार्यालय पहुंचे हैं।

दस्तावेज देखते ही CMHO को हुआ शक

नियुक्ति पत्र देखने के बाद CMHO डॉ. एम.एस. सागर को दस्तावेज संदिग्ध लगा। जब उन्होंने पत्र की बारीकी से जांच कराई तो उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं मिले। इसके अलावा नियुक्ति पत्र कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से भी मेल नहीं खा रहा था। मामला संदिग्ध लगने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तत्काल थाटीपुर थाना पुलिस को सूचना दी।

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दोनों युवकों को थाने ले गई पुलिस

सूचना मिलने के बाद थाटीपुर थाना पुलिस CMHO कार्यालय पहुंची और दोनों युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई। प्रारंभिक पूछताछ में युवक यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उन्हें यह नियुक्ति पत्र किस व्यक्ति, संस्था या एजेंसी ने उपलब्ध कराया था। पुलिस अब युवकों से दस्तावेज हासिल करने और उन्हें नौकरी दिलाने का दावा करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की आशंका

पुलिस इस मामले को केवल फर्जी दस्तावेज तक सीमित मानकर नहीं चल रही है। आशंका है कि बेरोजगार युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कोई गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया, युवकों तक यह दस्तावेज कैसे पहुंचा और क्या इसके लिए उनसे किसी तरह की रकम ली गई थी।

मोबाइल और दस्तावेजों की जांच जारी

जांच के दौरान पुलिस युवकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। इसके अलावा कथित नियुक्ति पत्र की भी जांच कराई जा रही है, ताकि उसके तैयार किए जाने और इस्तेमाल किए जाने की पूरी जानकारी सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसी तरह के फर्जी नियुक्ति पत्र अन्य युवाओं को तो नहीं दिए गए हैं।

CSP ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

ग्वालियर CSP संदीप बागरे के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस दस्तावेजों की सत्यता की जांच करने के साथ ही दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। नियुक्ति पत्र कहां से मिला और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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स्वास्थ्य विभाग ने अभ्यर्थियों को किया सावधान

स्वास्थ्य विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी नियुक्ति पत्र या भर्ती संबंधी दावे की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि जरूर करें। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत की जाती हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति या एजेंसी के झांसे में आकर पैसे देने या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने की कोशिश करने से बचना चाहिए।

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