रांची। झारखंड की राजधानी रांची में स्वतंत्रता दिवस 2026 के मुख्य राजकीय समारोह के दौरान भारी सुरक्षा अलर्ट देखा गया। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री ‘हेमंत सोरेन’ का सुरक्षा रूट अचानक बदलना पड़ा। खुफिया सूचना और छात्रों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सावधानी भरा यह कदम उठाया।
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पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री को मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद सीधे शहीद चौक यानी अल्बर्ट एक्का चौक के लिए रवाना होना था। हालांकि, मुख्यमंत्री आवास और आसपास के मुख्य रास्तों पर छात्रों के लगातार जारी अनशन और विरोध को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अंतिम समय में रूट को बदल दिया। सुरक्षा घेरे के बीच मुख्यमंत्री के काफिले को मोरहाबादी से कचहरी चौक होते हुए शहीद चौक ले जाया गया और कार्यक्रम के बाद इसी सुरक्षित मार्ग से उनकी वापसी की गई।
किले में तब्दील रहा क्षेत्र, आम जनता परेशान
छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी थी, उसके बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदला रहा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से सीएम आवास से 500 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी, जिससे मोरहाबादी, कांके रोड और करमटोली की तरफ जाने वाली सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से थमी रही। इस अचानक किए गए रूट डायवर्जन और ब्लॉकेज की वजह से त्योहार के दिन राजधानी की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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पिछले 20 दिनों से अधिक समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और सड़कों पर डटे परीक्षार्थी परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के कारण आंदोलन लगातार आक्रामक रूप ले रहा है, जिस पर ध्यान देते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन को सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम करने पड़े।