July 24, 2026

पाकिस्तान ने CJP Protest को बताया भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी करने से किया इनकार| Navbharat Live

Updated On: Jul 24, 2026 | 09:50 AM IST

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सार

Delhi CJP Protest: दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है। पाक विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी तरह की कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।

CJP Protest: Pakistan Reacts To Ongoing Delhi Protests Over NEET UG Paper Leak Calling It Internal

सीजेपी प्रोटेस्ट नीट पेपर लीक पाकिस्तान विदेश रिएक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

CJP Protest Pakistan Reacts To Ongoing Delhi Protests Over NEET UG Paper Leak: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर अब पाकिस्तान का आधिकारिक बयान आ गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे विवाद को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए टिप्पणी से इनकार कर दिया है। साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाक प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि वे ऐसे मामलों पर कोई भी बयान नहीं देते हैं। यह प्रदर्शन नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर चल रहा है जिसमें हजारों छात्र अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

यह विशाल आंदोलन अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं। बीस जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यह आंदोलन और उग्र हो गया है। इस बीच सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में चल रहा अपना पच्चीस दिनों का लंबा अनशन अब पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

पीएम मोदी ने दिया सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले को बहुत गंभीरता से लेते हुए कुछ अहम और बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। पीएम ने कहा कि छात्रों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी और अहम प्राथमिकता है। सरकार दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी और सख्त कदम उठा रही है।

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सरकार का बातचीत का प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत करने का अपना प्रस्ताव एक बार फिर से दोहराया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार अब तक चार बार सीजेपी से बातचीत का प्रस्ताव दे चुकी है। सरकार स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ छात्रों की वार्ता कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि, छात्रों ने नड्डा के आवास पर बैठक से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग रखी है।

पुलिस और छात्रों के बीच झड़प

बीस जुलाई को आयोजित संसद चलो मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच भारी हिंसक झड़प हुई थी। छात्रों का सीधा आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि छात्रों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की बहुत कोशिश की थी। इसके बाद ही हालात को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था।

पाकिस्तान की कूटनीतिक चुप्पी

इस पूरे मामले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया से कई तरह के कूटनीतिक संकेत भी बहुत साफ मिल रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में इसे भारत का मामला बताकर खुद को किनारे कर लिया है। प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मानवाधिकारों के सवाल पर भी बहुत ही स्पष्ट और सीधा जवाब देने से खुद को बचाया। इससे यह साफ होता है कि पाकिस्तान फिलहाल भारत के इस आंतरिक और संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी दखल नहीं चाहता।

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छात्रों की आगे की रणनीति

सरकार के लाख मनाने के बावजूद भी प्रदर्शनकारी छात्र फिलहाल अपनी मांगों से पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह विशाल आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग पर पूरे देश के छात्र पूरी तरह एकजुट हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन देश के अन्य हिस्सों में भी बहुत तेजी के साथ और ज्यादा फैल सकता है।

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