October 11, 2026

CJP प्रदर्शन LIVE: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- मेट्रो सामान्य रूप से जारी रहें, दिल्ली में इंटरनेट बहाल करें

11:54 AM, 11-Oct-2026

दिल्ली में इंटरनेट बहाल करने के निर्देश

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इंटरनेट सेवाओं पर लगी पाबंदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि शुरुआत में 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव था, लेकिन अदालत के आदेश के बाद यह संख्या घटकर 47 रह गई। पीठ ने संबंधित अधिकारियों से इन 47 स्टेशनों की सटीक स्थिति दर्शाने वाला नक्शा पेश करने को कहा, ताकि लोगों की आवाजाही और पहुंच पर पड़े प्रभाव का आकलन किया जा सके।

सुनवाई के दौरान बताया गया कि पिछली रात 10 बजे से सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं और किसी भी स्टेशन को आंशिक रूप से बंद नहीं रखा गया है। अदालत ने रेलवे अधिकारियों की ओर से जारी परामर्शों से संबंधित जानकारी भी मांगी और याचिकाओं पर जवाब तथा आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट मंगलवार तक दाखिल करने को कहा।

पीठ ने निर्देश दिया कि मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलती रहें, हालांकि सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू रहेंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अधिवक्ता को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

इंटरनेट सेवाओं के मुद्दे पर जस्टिस बागची ने शहर में इंटरनेट सुविधा बहाल करने की बात कही। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सेवाएं पिछली रात से ही बहाल हैं। अदालत ने उनके इस बयान को रिकॉर्ड पर लेने की बात कही।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की अदालत के प्रति विश्वास खोने संबंधी टिप्पणी का मुद्दा भी उठा। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि भविष्य में किसी वरिष्ठ अधिवक्ता को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि वह अधिवक्ताओं को ऐसी टिप्पणी करने से रोकने का आदेश नहीं दे सकती।

11:43 AM, 11-Oct-2026

प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कार्रवाई पर वरिष्ठ वकीलों ने उठाए सवाल

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता शहदान फरासत ने दलील दी कि प्रदर्शनकारियों को कथित रूप से घसीटकर बसों में चढ़ाया जा रहा था और कुछ लोगों को बसों से बाहर भी फेंका गया। इस बीच, मीडिया में ऐसी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें शहदान फरासत को प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान पुलिस हिरासत में लेते हुए देखा गया।

वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने नागरिकों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नागरिकों से शहर में स्वतंत्र रूप से आने-जाने का अधिकार छिन गया है। अदालत में इन दलीलों के जरिए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और आम नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही से जुड़े मुद्दों को उठाया गया।

विज्ञापन

11:36 AM, 11-Oct-2026

हिरासत और इंटरनेट बंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और अन्य प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इन मामलों की सुनवाई कर रही है। इसके साथ ही, अदालत के आदेशों की कथित जानबूझकर अवहेलना को लेकर दायर अवमानना याचिका पर भी विचार किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अपनी याचिकाओं का उल्लेख करना चाहने वाले सभी वकीलों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। पीठ ने बताया कि अदालत बार में एक ओर से दूसरी ओर क्रमवार वकीलों को सुनने की व्यवस्था करेगी, ताकि प्रत्येक पक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिल सके।

विशेष सुनवाई आयोजित करने के लिए वकीलों द्वारा अदालत का आभार जताए जाने पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि हमें धन्यवाद देने की जरूरत नहीं है। हम हमेशा राष्ट्र की सेवा में तत्पर हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दलीलें रखनी शुरू कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को ट्रेनों सहित विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया जा रहा है।

सिब्बल ने दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के अनुराधा भसीन बनाम भारत संघ मामले का उल्लेख किया, जिसमें इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए पारदर्शिता, आनुपातिकता और न्यायिक समीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सिद्धांत निर्धारित किए गए थे। अदालत में चल रही सुनवाई का केंद्र प्रदर्शनकारियों की हिरासत, प्रतिबंधात्मक आदेशों और इंटरनेट बंदी से जुड़े कानूनी सवाल हैं। मामले में विभिन्न याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जा रही हैं।

11:09 AM, 11-Oct-2026

कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

कनॉट प्लेस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ी हुई नजर आई। कनॉट प्लेस से सामने आए दृश्यों में पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च करते दिखाई दे रहे हैं।

VIDEO | Security beefed up in Connaught Place as Delhi Police conduct a flag march in the area. Visuals from Connaught Place.

(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/1VRqx4Dtto

— Press Trust of India (@PTI_News) October 11, 2026

11:07 AM, 11-Oct-2026

दिपके, आशुतोष और सौरव एक साल के मुचलके पर रिहा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्तूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126/170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि इस दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और आज तीनों को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक, अदालत ने शांति बनाए रखने और एक वर्ष तक अच्छे आचरण की शर्त पर 50,000 रुपये के जमानती मुचलके की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों को रिहा कर दिया। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनकी हिरासत और रिहाई की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।

10:34 AM, 11-Oct-2026

सीजेपी की दोपहर 2 बजे प्रेस वार्ता

दिल्ली में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन की ओर से दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।

#WATCH | Delhi: CJP leaders Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das have been released after they were produced before the Executive Magistrate at Delhi Cantt Police Station. CJP National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "We will hold a press conference at 2 PM." https://t.co/v1lNTEbhp3

— ANI (@ANI) October 11, 2026

विज्ञापन

विज्ञापन

10:00 AM, 11-Oct-2026

दिपके, रांका और सौरव रिहा

दिल्ली में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अधिकारियों की प्रक्रिया के तहत तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

#WATCH | Delhi: Advocate Soutik Banerjee says, "All three (Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das) have been released. They can go from here." https://t.co/WWSifuSti9

— ANI (@ANI) October 11, 2026

सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया। इस संबंध में समाचार एजेंसी आईएएनएस ने जानकारी दी।

#WATCH | Delhi: CJP leader Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das produced before the Executive Magistrate at Delhi Cantt Police Station after preventive arrest. https://t.co/wL1nt52zJA

— ANI (@ANI) October 11, 2026

09:40 AM, 11-Oct-2026

अभिजीत दिपके के परिजनों का दावा: संपर्क नहीं हो पा रहा

महाराष्ट्र के हिंगोली में अभिजीत दिपके के परिवार ने दिल्ली पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनके पिता भगवान दिपके का कहना है कि उन्होंने अभिजीत से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन बात नहीं हो सकी। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अभिजीत के दोस्तों से पता चला है कि उसे दिल्ली से कहीं और ले जाया गया है।

वहीं, अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी बेटे से संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि अभिजीत को अपनी दादी के निधन की सूचना मिल गई होती, तो वह अब तक घर पहुंच चुका होता। परिवार के मुताबिक, अभिजीत के आने की उम्मीद में दादी के अंतिम संस्कार को फिलहाल रोककर रखा गया है। परिजनों ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए बेटे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

09:26 AM, 11-Oct-2026

यूट्यूबर ध्रुव राठी देर रात रिहा

हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिए गए यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, उनकी रिहाई देर रात हुई।

News Alert! YouTuber Dhruv Rathee released late night after being detained in Haryana's Gurugram: Officials.

— Press Trust of India (@PTI_News) October 11, 2026

09:02 AM, 11-Oct-2026

30 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 30 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो परिसरों और बस टर्मिनलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां लगाई गई हैं। वहीं, नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा, होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करने की संभावित कोशिशों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों की भी निगरानी की जा रही है।