Updated On: Jul 22, 2026 | 06:50 PM IST
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सार
CJP Instagram Restored: कॉकरोच जनता पार्टी का Instagram अकाउंट कुछ समय के लिए बंद हो गया। अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर अकाउंट बंद कराने का आरोप लगाया, हालांकि बाद में अकाउंट फिर से बहाल हो गया।

CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बैन (Image- Social Media)
विस्तार
CJP Instagram Ban: कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम हैंडल भारत में बैन कर दिया गया है। अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा कि नरेंद्र मोदी ने कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करवा दिया है।
Cockroach Janta Party’s Instagram account has been taken down by Narendra Modi. pic.twitter.com/PlvIkF2HVb — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। इंस्टाग्राम पर अकाउंट सर्च करने पर संदेश दिखाई दे रहा है कि “यह अकाउंट भारत में उपलब्ध नहीं है, क्योंकि हमें इस कंटेंट को प्रतिबंधित करने के लिए एक कानूनी अनुरोध प्राप्त हुआ था और उसका पालन किया गया है।”
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब CJP के संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कानूनी अनुरोध किस सरकारी एजेंसी या प्राधिकरण की ओर से भेजा गया था। हालांकि कुछ देर बाद फिर अकाउंट बहाल कर दिया गया।
संसद मार्च के बाद हुई कार्रवाई
CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट उस समय प्रतिबंधित किया गया है जब पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोप भी लगे थे, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक विवाद गहरा गया।
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पुलिस कार्रवाई पर हाईकोर्ट का नोटिस
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैम रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ताओं को भी चार सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने का समय दिया जाएगा।
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याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाने को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने इन कार्रवाइयों को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
