By Sunidhi Raj
Published: Wednesday, September 9, 2026, 14:57 [IST]
BJP Leader Gaurav Bhatia Defamation Suit: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये का सिविल मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मामला एक कथित फर्जी AI ग्राफिक से जुड़ा है, जिसमें भाटिया के नाम से स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं।
भाटिया ने इन बयानों से इनकार करते हुए इसे झूठा बताया है। उन्होंने अदालत से ऐसी सामग्री को आगे प्रसारित करने पर रोक लगाने की मांग भी की है। मामले में अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पक्ष बनाया गया है। विवाद के बीच अब सोशल मीडिया पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी कानूनी लड़ाई में बदल गई है। आज इस मामले पर सुनवाई होनी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मामला तब सामने आया जब CJP प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर एक AI से तैयार ग्राफिक शेयर किया। इसमें गौरव भाटिया के नाम से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी दिखाई गई थी। ग्राफिक में भारद्वाज को 'दिमागी नक्सल' कहने और उनके अंदर जातिवाद का जहर होने जैसी बातें लिखी थीं। भाटिया ने इन टिप्पणियों को अपना बताने से साफ इनकार किया और पोस्ट हटाने के साथ बिना शर्त माफी की मांग की।
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पोस्ट हटाई, लेकिन मामला आगे बढ़ा
दास ने बाद में विवादित पोस्ट हटा दी और अपने एक्स खाते पर बताया कि ग्राफिक AI की मदद से बनाया गया था। हालांकि, भाटिया का आरोप है कि पोस्ट हटने के बाद भी CJP के कुछ नेताओं ने उसी सामग्री को आगे शेयर किया। उनके मुताबिक CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने ग्राफिक को दोबारा शेयर किया और BJP नेताओं पर निशाना साधते हुए मैसेज भी लिखा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी सामग्री को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया गया है।
मामला निशु आजाद के पिता से जुड़े विवाद तक पहुंचा
यह पूरा विवाद CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के आरोपों से भी जुड़ा है। CJP के नेता पहले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। हालांकि, अलग-अलग पक्षों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध सबूतों से ही साफ होगी।
'अब सोशल मीडिया पर नहीं, अदालत में होगी लड़ाई'
मुकदमा दाखिल करने के बाद गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब इस मामले पर फैसला ऑनलाइन बहस से नहीं, बल्कि अदालत में होगा। उनका कहना है कि आरोप जब एक सीमा पार कर जाते हैं तो कानून अपनी भूमिका निभाता है। मामले का शीर्षक Gaurav Bhatia vs Saurav Das & Ors है और इसे दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
CJP आंदोलन के बाद बदला राजनीतिक सोशल मीडिया का अंदाज?
इस मामले के साथ CJP आंदोलन के राजनीतिक असर की चर्चा भी हो रही है। आंदोलन ने Gen Z युवाओं की सोशल मीडिया पर सक्रियता और राजनीतिक पहुंच को काफी चर्चा में ला दिया है। दावा किया जा रहा है कि इसके बाद कई राजनीतिक दल युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए इंस्टाग्राम पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम सक्रियता का भी उदाहरण दिया जा रहा है।
दावे के अनुसार, 20 जुलाई के बाद उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट पर औसत एंगेजमेंट करीब 290 प्रतिशत बढ़ी है। इससे राजनीतिक दलों के लिए इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया मंचों की अहमियत बढ़ने का संकेत मिलता है।
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