October 8, 2026

Chhattisgarh Land Use New Rules: छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव, अब Negative List मॉडल से आसान होगा जमीन का इस्तेमाल

Chhattisgarh Land Use New Rules: छत्तीसगढ़ सरकार (CG Government) ने (Ease of Doing Business) कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए भूमि उपयोग व्यवस्था (Land Use Regulations) में अहम बदलाव किए हैं। भारत सरकार के नियमन में सरलता और (Compliance Burden Reduction) अनुपालन बोझ में कमी सुधारों के अनुरूप छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था में Negative List Model लागू किया गया है, जिससे जमीन के अलग-अलग उपयोग में अनुमत्य गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा और नियम पहले की तुलना में ज्यादा लचीले होंगे।

भारत सरकार के सुधारों के अनुरूप बदले नियम

राज्य में भूमि उपयोग से जुड़े नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है। इससे पहले (CG Urban Planning Reforms) शहरी नियोजन सुधार के तहत छत्तीसगढ़ ने कई सुधार लागू किए थे। इसी के तहत (Special Assistance to States for Capital Investment) यानी SASCI के अंतर्गत राज्य को साल 2024-25 में 800 करोड़ रुपए और साल 2025-26 में 85 करोड़ रुपए की सहायता मिली थी।

Negative List मॉडल से बढ़ेगा लचीलापन

संशोधित व्यवस्था में अलग-अलग (Land Use Category) भूमि उपयोग श्रेणी के लिए Negative List आधारित मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत प्रत्येक श्रेणी में केवल अनुपयुक्त गतिविधियों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाएगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए ज्यादा व्यापक गुंजाइश रहेगी। इससे बदलती आर्थिक जरूरतों और नई गतिविधियों के अनुसार भूमि उपयोग को मंजूरी देने की प्रक्रिया अधिक लचीली हो सकेगी।

कई राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ ने अपनाया मॉडल

भूमि उपयोग नियमों में इस तरह के बदलाव करने वाला छत्तीसगढ़ अकेला राज्य नहीं है। त्रिपुरा, मध्यप्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने अपने (Development Control Regulations) यानी DCR विकास नियंत्रण नियम में Negative List मॉडल को अपनाया है। अब छत्तीसगढ़ ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए भूमि उपयोग नियमन को सरल बनाने की पहल की है।

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आवासीय इलाकों में Mixed Use को बढ़ावा

संशोधित नियमों में (Chhattisgarh Land Use New Rules Mixed Use) मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इसका उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को उनके निवास स्थान के आसपास ही पूरा करने की सुविधा देना है। आवासीय और वाणिज्यिक गतिविधियों के बेहतर समावेश से लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे घर और काम की जगह के बीच यात्रा में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

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घरों के पास मिलेंगी स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं

नई व्यवस्था में अस्पताल (CG Government) और स्कूल जैसी जन-आवश्यक सुविधाओं को आवासीय और वाणिज्यिक भूमि उपयोग में अनुमत्य किया गया है। इसके अलावा कार्यालयों को भी आवासीय और वाणिज्यिक भूमि उपयोग में अनुमति दी गई है। (Chhattisgarh Land Use New Rules) इससे रोजगार और कार्यस्थल को आवासीय क्षेत्रों के करीब लाने में मदद मिलेगी और लोगों को आसपास ही जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

औद्योगिक क्षेत्रों में हॉस्टल और श्रमिक आवास को अनुमति

औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए हॉस्टल, डॉर्मिटरी और श्रमिक आवास (Chhattisgarh Land Use New Rules Worker Housing) जैसी सुविधाओं को भी अनुमत्य गतिविधियों में शामिल किया गया है। वहीं मनोरंजन भूमि उपयोग के तहत शमशान और कब्रिस्तान से संबंधित जरूरी गतिविधियों को भी अनुमति दी गई है।

निवेश और विकास को मिल सकता है बढ़ावा

शहरीकरण और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ जमीन के इस्तेमाल की जरूरतें भी लगातार बदल रही हैं। (CG Government) ऐसे में सरल नियम और कम अनुपालन बोझ विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि नए प्रावधानों से राज्य में निवेश और कारोबारी गतिविधियों के लिए ज्यादा अनुकूल माहौल तैयार होगा।

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भूमि उपयोग व्यवस्था को बनाया गया ज्यादा व्यावहारिक

छत्तीसगढ़ (CG Government) भूमि विकास नियम, 1984 में किए गए ये बदलाव Ease of Doing Business, निवेश और शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। (Negative List Model) मॉडल के जरिए अनुपयुक्त गतिविधियों को स्पष्ट रखते हुए बाकी अनुमत्य गतिविधियों के लिए ज्यादा लचीलापन दिया गया है। इससे आम लोगों की सुविधाओं और बदलती सामाजिक-आर्थिक जरूरतों के अनुसार भूमि उपयोग व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने में मदद मिलेगी।

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