October 13, 2026 54 बार देखा गया
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की नौगांव तहसील के भदेसर गांव में प्रेम विवाह के बाद एक परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। गांव के रहने वाले श्याम बाबू अहिरवार ने 3 अप्रैल 2026 को अपने ही गांव की प्रतिक्षा राठौड़ से प्रेम विवाह किया था। जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

श्याम बाबू अहिरवार और प्रतिभा राठौर का मैरिज सर्टिफिकेट फोटो साभार: अलीमा
प्रतिक्षा का आरोप है कि उनके परिवार वाले इस शादी के लिए राजी नहीं थे क्योंकि श्याम बाबू अहिरवार समाज से हैं। इसी वजह से दोनों ने अपनी मर्जी से शादी कर ली।
खबर लहरिया को बताते हुए प्रतिक्षा का आरोप है कि शादी के बाद से उनके मायके पक्ष के लोग उन्हें और उनके ससुराल वालों को धमका रहे हैं। उनके मुताबिक, जब भी वे अपने ससुराल जाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोक दिया जाता है और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती है।
प्रतिक्षा का कहना है “मैंने शादी अपनी मर्जी से की है लेकिन मेरे परिवार वाले मुझे और मेरे ससुराल वालों को मारने की धमकी देते हैं। जब हम अपने ससुराल जाते हैं तो वे जाने नहीं देते। बोलते हैं कि यहां पर आओगे, तो हम तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
इसके कारण हम लोगों को काफी डर बना हुआ है कि हमारे कारण हमारे परिवार को कोई नुकसान न पहुंचे। जब से हम लोगों ने शादी की है तब से मुझे और मेरे परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है।”
उन्होंने परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है।
मारपीट का आरोप, गांव छोड़कर रहने को मजबूर परिवार
इस मामले में श्याम बाबू के पिता हरि अहिरवार (48) का कहना है कि बेटे के अपनी पसंद से शादी करने में उनके परिवार की कोई गलती नहीं है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से बहू के मायके पक्ष के लोग उन्हें गांव में रहने नहीं दे रहे हैं। उनके पास गांव में घर और खेती है लेकिन डर के कारण वे न तो घर में रह पा रहे हैं और न ही खेती कर पा रहे हैं।
हरि अहिरवार के मुताबिक, 15 जून 2026 को जब वह घर से खेत देखने जा रहे थे तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में उन्हें कई चोटें आईं। इसके बाद परिवार गांव छोड़कर अपनी बेटी के घर रहने लगा। उनका आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें धमकियां दी गईं कि अगर वह दोबारा गांव में दिखाई दिए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
हरि अहिरवार कहते हैं “प्रेम विवाह करना कोई गुनाह नहीं है। अगर बच्चों ने शादी कर ली है तो उन्हें आशीर्वाद दे दें और हम लोगों को जीने दें, क्योंकि अब जमाना बदल गया है। ये लोग जात-पात देखकर हम लोगों को काफी प्रताड़ित करते हैं।”
परिवार की एक अन्य सदस्य पप्पू अहिरवार ने भी गांव में वापस न जा पाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से परिवार के लोग अपने घर में नहीं रह पा रहे हैं। गांव में उनका मकान और खेती है पर धमकियों के डर से वे बाहर रहने को मजबूर हैं।
पप्पू अहिरवार के मुताबिक परिवार ने सुरक्षा के लिए कई बार थाने में गुहार लगाई लेकिन अब तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिली है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर परिवार कब तक अपना घर छोड़कर दूसरों के यहां रहने को मजबूर रहेगा।
पुलिस का पक्ष
फिर इस मामले में छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि परिवार की ओर से एक आवेदन मिला है। आवेदन में कहा गया है कि अहिरवार समाज के युवक श्याम बाबू अहिरवार और प्रतिभा राठौर समाज की युवती ने प्रेम विवाह किया है। जिसके बाद लड़की पक्ष की ओर से उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।

फोटो साभार: अलीमा
पुलिस अधीक्षक (एसपी) रजत सकलेचा के मुताबिक उन्होंने संबंधित टीम को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में डराने-धमकाने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले उन्हें समझाया जाएगा और उसके बाद जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – रचना
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