July 30, 2026

CGPSC Scam : CGPSC घोटाले में आज कोर्ट में पेश होंगे टामन सिंह सोनवानी, ईडी दोबारा रिमांड की कर सकती है मांग

CGPSC Scam
CGPSC Scam

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले की जांच में आज अहम (CGPSC Scam) दिन है। प्रवर्तन निदेशालय पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच एजेंसी आगे पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड मांगती है या अदालत उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजती है।

भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। वहीं एजेंसी का कहना है कि जांच अभी कई अहम पहलुओं पर जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय ने टामन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार (CGPSC Scam) किया था। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें आज रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाएगा। ईडी आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की मांग कर सकती है।

डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज मिलने का दावा

ईडी के अनुसार जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और अवैध आर्थिक लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि इन साक्ष्यों के आधार पर मनी ट्रेल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप

ईडी का कहना है कि पीएमएलए की धारा 50 के तहत पूछताछ के दौरान टामन सिंह सोनवानी ने कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए और महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। एजेंसी का आरोप है कि कथित अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा नकद और शेष राशि बैंकिंग चैनलों तथा विभिन्न लेनदेन के जरिए स्थानांतरित की गई।

भर्ती नियमों में बदलाव की भी जांच CGPSC Scam

जांच एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2021 में भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा में बदलाव किया गया, जिससे हितों के टकराव से जुड़े प्रावधान कमजोर हुए और कथित रूप से रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हुआ। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।

EOW, ACB और CBI जांच के बाद ईडी की एंट्री

यह मामला पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एफआईआर के आधार पर सामने आया। बाद में केंद्रीय जांच एजेंसी ने भी मामले की जांच की। इन्हीं जांचों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

प्रश्नपत्र लीक और चयन में हेराफेरी के आरोप

ईडी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित रूप से प्रश्नपत्र लीक कर पसंदीदा अभ्यर्थियों और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने की साजिश (CGPSC Scam) रची गई। एजेंसी के अनुसार जांच का उद्देश्य मनी ट्रेल, कथित लाभार्थियों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है। हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।