September 3, 2026

CGPSC घोटाला : मामा के नाम पर भांजे ने पेपर लीक के लिए वसूले तीन करोड़  - Haribhoomi

सीजीपीएससी के लिए वर्ष 2020-21 में आयोजित परीक्षा में पेपर लीक, गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कई जगह छापेमारी की। 

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  • Published: 03 Sep 2026, 09:36 AM IST
  • Last Updated: 03 Sep 2026, 09:36 AM IST

रायपुर। सीजीपीएससी के लिए वर्ष 2020-21 में आयोजित परीक्षा में पेपर लीक, गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कई जगह छापेमारी की। इस प्रकरण में ईडी ने मुख्यमंत्री पूर्व के पीए के भांजा के खिलाफ तीन करोड़ रुपए लेन-देन करने का हवाला दिया है। छापे की कार्रवाई ईडी की रायपुर जोनल टीम ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर में पांच ठिकानों पर एक साथ की थी।

जांच एजेंसी ने बयान जारी कर जांच में दौरान 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की अर्जित रकम सामने आने का खुलासा किया है। इस मामले में उत्कर्ष चंद्राकर को भी गिरफ्तार किया गया है। 5 सितंबर तक ईडी उससे पूछताछ करेगी। ईडी ने उक्त कार्रवाई रायपुर में दर्ज 2 एफआईआर के आधार पर शुरू की है। ये एफआईआर सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टमन सिंह सोनवानी और अन्य लोगों के खिलाफ 2020 और 2021 में आयोजित सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और हेरफेर के आरोपों को लेकर दर्ज की गई थीं।

मोबाइल, बैंक स्टेटमेन से मिले सबूत 
जांच एजेंसी ने इसके पूर्व तीन जून को तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान उत्कर्ष चंद्राकर के मोबाइल से डिजिटल सबूत, बैंक खातों की जानकारी और पीएमएल की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का विश्लेषण किया गया।

प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर वसूले पैसे
जांच एजेंसी के मुताबिक सीजीपीएससी परीक्षा के प्रश्नपत्र आरोपियों के रिश्तेदारों और कुछ चुने हुए उम्मीदवारों, दलालों को गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर लीक किए गए थे। जांच में पता चला है कि उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने परीक्षा के लीक प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उम्मीदवारों से पैसे वसूले और 'अपराध से प्राप्त आय के तौर पर लगभग 3 करोड़ रुपए जमा किए। उत्कर्ष चंद्राकर ने नौकरी के उम्मीदवारों को प्रभावित करने और उनसे पैसे वसूलने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के पर्सनल असिस्टेंट और अपने मामा केके चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन ओएसडी के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल किया।

आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस जब्त
जांच एजेंसी ने मंगलवार को जिन पांच स्थानों में छापे की कार्रवाई कर तलाशी ली थी, उन ठिकानों से आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल समेत डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य अहम सबूत मिले हैं। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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