CG vidhansabha Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पांचवां और अंतिम दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार, 17 जुलाई को विपक्ष ने महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम कटने और लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को निशाना बनाया।
महतारी वंदन योजना से नाम कटने की वजह मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताई। जिससे असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, डिप्टी सीएम ने दिया जवाब
अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में साढ़े 4 घंटे से चर्चा जारी है। विपक्ष के आरोपों पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा,
पिछली सरकार में FL-10 क्या था? हजारों करोड़ का घोटाला हुआ। इस दूषित व्यवस्था को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छुआ भी नहीं
विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मात्र चिमटे से पकड़कर ठीक करने काम किया है। विपक्ष विधायक
कोल घोटाले में चुप हो जाते हैं, यह भी सब जानते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी व्यवस्थाओं को सुधारने का काम किया है। डिप्टी सीएम ने कहा, नक्सल नीतियों पर भी चर्चा कर लेंगे पहले कैसी रही अब कैसी है।
महतारी वंदन के मुद्दे पर कांग्रेस का वॉकआउट
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नाम हटाने की वजह मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होने, आयकरदाता बनने और अपात्र होना बताई। इतना सुनते ही विपक्ष के विधायकों ने हंगामा कर दिया और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
राशन के साथ जबरन मसाले बेचने का मामला भी उठा
इससे पहले प्रश्नकाल में राशन व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में जमकर गूंजा। विधायक शेषराज हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग की। वहीं बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में कथित तौर पर जबरन मसाले बेचने का आरोप लगाया और अपनी सरकार को ही घेरने का काम किया।
जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि शिकायत और दस्तावेज मिलने पर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
महंत ने 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश
प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बीजेपी सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा।
आरोप पत्र में महंत ने हसदेव अरण्य, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, कानून व्यवस्था, पेसा कानून के क्रियान्वयन, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में कथित पेड़ कटाई, भारतमाला सड़क परियोजना और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए।
महंत ने कहा- जंगलों को नष्ट किया जा रहा
नेता प्रतिपक्ष महंत ने सबसे पहले उत्तर छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और कोयला खनन को मनमाने तौर पर बढ़ावा दिया।
महंत ने जुलाई 2022 में विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित उस प्रस्ताव का उल्लेख किया, जिसमें हसदेव अरण्य के कोल ब्लॉकों को निरस्त करने की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पद संभालने से पहले ही खनन की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
हसदेव अरण्य में 15 हजार पेड़ों की कटाई होगी
महंत ने हसदेव अरण्य को ‘मध्य भारत के फेफड़े’ बताते हुए कहा कि 11 दिसंबर को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को हसदेव अरण्य के 91 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की मंजूरी दी, जिससे करीब 15 हजार पेड़ों की कटाई की जाएगी।
श्रीराम की यात्रा वाले जंगलों की रक्षा में सरकार असफल
महंत ने कहा, ‘यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला है। दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों के कहने पर हमारे जंगलों को नष्ट किया जा रहा है। आप किसी और का महल बनाने के लिए अपनी ही जड़ें काट रहे हैं। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’
भगवान राम का जिक्र करते हुए महंत ने कहा, बीजेपी अक्सर उन्हें छत्तीसगढ़ का ‘भांजा’ बताती है, लेकिन उनकी यात्रा से जुड़े जंगलों की रक्षा करने में असफल रही।
महंत ने कहा, ‘इन जंगलों को उद्योगपतियों के हवाले कर दिया गया है। आज एक उद्योगपति पूरे छत्तीसगढ़ पर हावी है। इसका खामियाजा मानव और हाथियों के बीच संघर्ष बढ़ने के रूप में प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है।’
हसदेव अरण्य के कोयला भंडार का अंधाधुंध दोहन
महंत ने हसदेव अरण्य के कोयला भंडार का अंधाधुंध दोहन करने का भी आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘15 साल के लिए आवंटित खदानें 9 सालों में ही खाली हो गईं। हसदेव अरण्य में करीब 170 प्रकार की औषधीय वनस्पतियां और वृक्ष हैं। महंत ने कहा, समझ नहीं आता इसे संवेदनहीन सरकार कहूं या विवेकहीन सरकार।’
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