July 14, 2026

CG Vidhan Sabha Monsoon Session: जवानों की शहादत और नक्सलवाद से मुक्ति के नाम रहा विस के मानसून सत्र का पहला दिन.. CM साय ने किया सुरक्षा बलों के साहस को सलाम

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को विधानसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ ने दशकों तक नक्सल हिंसा की बड़ी चुनौती झेली, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर की जनता के सहयोग से प्रदेश शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। (Chhattisgarh Vidhan Sabha Monsoon Session Day One) उन्होंने कहा कि यह सफलता वर्षों की रणनीति, सुरक्षा बलों के पराक्रम और आम लोगों के सहयोग का परिणाम है।

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शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, सुरक्षा बलों की सराहना

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों के साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सुरक्षा और विकास की संयुक्त रणनीति अपनाई, जिससे अभियान को नई गति मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति लागू की है। इसके तहत आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाया है।

बस्तर रोडमैप 2.0 से विकास पर फोकस

सीएम साय ने कहा कि अब सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समग्र विकास पर है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है। वहीं ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत 5,542 गांवों में 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। (Chhattisgarh Vidhan Sabha Monsoon Session Day One) सुरक्षा शिविरों को ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां लोगों को सरकारी सेवाएं और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर में 6.79 लाख राशन कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 24.66 लाख आधार कार्ड, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 1.18 लाख वनाधिकार पत्र और 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं।

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सड़क, रेल, आवास और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं और 36 नए स्कूल स्वीकृत हुए हैं। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर काम चल रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे अंतिम चरण में है, जबकि जगदलपुर में हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है, ताकि क्षेत्र विश्वास, अवसर और समृद्धि के नए रास्ते पर आगे बढ़ सके।

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