CG Teacher News: छत्तीसगढ़ में लम्बे समय से गैरहाजिर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल चल (CG Teacher News) रही है। पहले उन्हें नोटिस थमाए जाएंगे। फिर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) एक्शन लेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 24 जिलों के 326 शिक्षक पहली नजर में इस कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के जरिए आरोप पत्र दिए जाएंगे।
तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे शिक्षक
इसे मामले को लेकर शिक्षकों की अपनी समस्याएं हैं।शिक्षक और विभागीय कर्मचारियों के पास ऑनलाइन हाजिरी के लिए स्मार्टफोन नहीं है जिससे मोबाइल में एप इंस्टॉल नहीं हो पा रहा।
बताते हैं, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों-कर्मचारियों की उपस्थिति लेकर कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं नेटवर्किंग की परेशानी रहती है जिससे शिक्षक-कर्मचारी गैरहाजिर हो रहे हैं।
326 शिक्षक-कर्मियों के मामले सामने आए
जानकारी के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के 24 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र भेजकर संबंधित मामलों में आरोप पत्र और जरूरी दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण में 326 शिक्षक-कर्मियों के मामले सामने आए हैं। (CG Teacher News)
VSK ऐप की रिपोर्ट में सामने आए मामले
शिक्षा विभाग (CG Teacher News) में ऑनलाइन हाजिरी की निगरानी विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के जरिए की जा रही है। रिपोर्ट में स्कूल से अनुपस्थिति, बिना अनुमति छुट्टी और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने जैसे मामले शामिल हैं। DPI ने संबंधित DEO से आरोपों का विवरण, रिकॉर्ड की सूची और सबूतों से जुड़े दस्तावेज तैयार कर भेजने को कहा है।
ऑनलाइन रिपोर्ट में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के मामले में DPI ने शासकीय निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता माना है। पहले चरण की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में ऐसे कई और मामले सामने आने की आशंका है। (CG Teacher News)
रायगढ़ में सबसे ज्यादा मामले
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 48 मामले सामने आए हैं। इसके बाद कांकेर में 41 और बिलासपुर में 33 मामले दर्ज हैं। सूरजपुर और कोरिया में 17-17, बलौदाबाजार में 16, जबकि रायपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 15-15 मामले बताए गए हैं।
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तकनीकी परेशानी वाले मामले भी शामिल
रिपोर्ट में 177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और 44 प्रधान पाठकों के मामले बताए गए हैं। इनमें 182 मामले स्कूल से अनुपस्थिति या अवकाश से जुड़े हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने मोबाइल फोन, ऐप इंस्टॉल करने और अन्य तकनीकी दिक्कतों की समस्या बताई है। इसलिए सभी मामलों में वास्तविक अनुपस्थिति और तकनीकी परेशानी के बीच अंतर की जांच जरूरी होगी।
अब संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को दस्तावेज तैयार कर DPI को भेजने हैं। इसके बाद रिकॉर्ड और कर्मचारियों के जवाब के आधार पर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोप पत्र तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि सभी संबंधित कर्मचारी दोषी साबित हो गए हैं। अंतिम कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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इन जिलों के DEO को पत्र भेजा गया है
लोक शिक्षण संचालनालय से रायपुर, गरियाबंद, सक्ती, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, कांकेर, जशपुर, गौरेला-पेण्ड्रा, मरवाही, बीजापुर, बेमेतरा, बस्तर, बलौदाबाजार, बालोद, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव, सुरजपुर, सुकमा, महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित लोकसेवकों के लिए आरोप पत्र, अभिकथन, अभिलेख सूची और साक्ष्य सूची तैयार कर 15 दिन के भीतर संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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कई मामलों में तकनीकी समस्याएं
रिपोर्ट के अनुसार 182 प्रकरण शाला से अनुपस्थिति या अनधिकृत अवकाश से संबंधित बताए गए हैं। इनमें लंबे समय से स्कूल नहीं आने, मेडिकल लीव और असाधारण अवकाश जैसे मामले शामिल हैं। वहीं करीब 90 प्रकरण मोबाइल या तकनीकी समस्याओं से जुड़े हैं। कुछ कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन नहीं है और वे कीपैड फोन का उपयोग करते हैं। कुछ ने आईफोन में वीएसके एप इंस्टॉल नहीं होने, पुराने एंड्रॉयड वर्जन, मोबाइल खराब होने या हैंडसेट गुम होने जैसी समस्याएं बताई हैं। इसके अलावा लगभग 19 मामलों में निर्देश मिलने के बावजूद वीएसके एप पर पंजीयन नहीं कराने या उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही की बात सामने आई है। इन कारणों की प्रकृति अलग-अलग है। इसलिए प्रत्येक मामले में संबंधित कर्मचारी का पक्ष और अभिलेखों की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।
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