September 7, 2026

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का शराब पीकर डांस करते हुए वीडियो? अभिजीत दीपके ने किया दावा, अब सामने आया सच

Time Updated: Monday, September 7, 2026, 16:35 [IST]

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैलाया गया, जिसमें एक शख्स सिर पर गिलास या बोतल रखकर फिल्म 'जमाल कुडू' के अंदाज में डांस करता दिख रहा है। दावा किया गया कि वीडियो में दिख रहा शख्स राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ एयर मार्शल (रिटायर) जितेंद्र मिश्रा हैं और नियुक्ति के बाद वह शराब पार्टी कर रहे हैं।

इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी शेयर कर दावा किया कि अब धर्म ठेकेदार इसको देखेंगे तो क्या कहेंगे। लेकिन फैक्ट चेक में इस दावे की हवा निकल गई। वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। यानी वीडियो असली हो सकता है, लेकिन उसे राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ से जोड़कर पेश करना गलत है।

Jitendra Mishra Viral Video

वायरल वीडियो में आखिर दिख कौन रहा है?

वायरल क्लिप में एक व्यक्ति फिल्म 'एनिमल' के गाने 'जमाल कुडू' पर डांस करता दिखाई देता है। वह सिर पर गिलास या बोतल रखकर बॉबी देओल के चर्चित डांस स्टेप की नकल करता नजर आता है। इसी वीडियो को जितेंद्र मिश्रा का बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया।

फैक्ट चेक के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स की तुलना जितेंद्र मिश्रा से की गई। दोनों के चेहरे और शारीरिक बनावट में फर्क साफ नजर आता है। मिश्रा के सिर पर बाल नहीं हैं और उनकी मूंछें भी अलग हैं, जबकि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के बाल हैं। ऐसे में दोनों को एक ही व्यक्ति बताने का दावा सटीक नहीं है।

अभिजीत दीपके ने भी शेयर कर दिया वही वीडियो

मामला तब और गरम हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 6 सितंबर को करीब 2:31 बजे यही वीडियो अपने एक्स पर शेयर किया। दीपके ने पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी में वह क्या करता है, इससे उन्हें परेशानी नहीं है। उनका सवाल यह था कि अगर वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ होता, तो धर्म के कथित ठेकेदार किस तरह की प्रतिक्रिया देते।

बाद में वीडियो की पहचान गलत साबित होने पर दीपके ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अब जानकारी मिली है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका निशाना किसी व्यक्ति की निजी पसंद नहीं, बल्कि कथित 'दोगलेपन' को सामने लाना था।

2025 का है ये वायरल वीडियो

फैक्ट चेक में सामने आया कि यह क्लिप नई नहीं है। इसे नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम यूजर विकास राणा के अकाउंट से शेयर किया गया था। उस पोस्ट में वीडियो में दिख रहे शख्स को 'कैप्टन साहब' कहा गया था। यानी यह क्लिप जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति से कई महीने पहले इंटरनेट पर मौजूद थी।

हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान आधारित फेसबुक पेज 'डिफेंस वॉच' से सितंबर2023 में ही पोस्ट किया था। लेकिन एक बात साफ है कि इसे जितेंद्र मिश्रा का वीडियो बताने का दावा गलत है।

'डिफेंस वॉच' नाम के पाकिस्तान आधारित फेसबुक पेज से इस वीडियो के प्रसार की बात सामने आई। इसके बाद भारतीय सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे शेयर किया। 6 सितंबर को कांग्रेस की मीडिया समन्वयक रश्मि के खाते से भी इसे एक्स पर साझा किए जाने का जिक्र है। कुछ ऐसे खातों के नाम भी सामने आए, जिनका संबंध सीजेपी से बताया गया। यही वजह है कि वीडियो की पहचान से ज्यादा अब सवाल इसके इस्तेमाल को लेकर उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पूछा कि किसी संवेदनशील दावे को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि क्यों नहीं की गई।

लोगों ने सख्त कार्रवाई की मांग की

वीडियो फर्जी पहचान के साथ फैलने के बाद अभिजीत दीपके की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस से कार्रवाई की मांग भी की। यहां असली सवाल यही है कि क्या किसी वायरल वीडियो को सिर्फ इसलिए साझा कर देना सही है क्योंकि वह किसी राजनीतिक या वैचारिक नैरेटिव में फिट बैठता है? राम मंदिर और उससे जुड़े संस्थान बेहद संवेदनशील विषय हैं। ऐसे में किसी अधिकारी को शराब या आपत्तिजनक व्यवहार वाले वीडियो से जोड़ने से पहले पहचान की पुष्टि करना और भी जरूरी हो जाता है।

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति के तुरंत बाद उनके नाम से ऐसा वीडियो वायरल होना इसलिए ज्यादा चर्चा में आ गया। हालांकि, वीडियो को शेयर करने के पीछे कोई तय राजनीतिक रणनीति थी, यह साबित करने वाला ठोस तथ्य फिलहाल सामने नहीं है। इसलिए इसे सोची-समझी साजिश कहना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल फैक्ट चेक से इतना साफ है कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। इसलिए राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ को शराब पीकर डांस करने वाले वीडियो से जोड़ने वाला दावा भ्रामक है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सबक यही है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को साझा करने से पहले उसकी तारीख, व्यक्ति की पहचान और मूल स्रोत की जांच करना जरूरी है।

Fact Check

दावा

दावा:अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का शराब पीकर डांस करते हुए वीडियो वायरल।

नतीजा

फैक्ट: वायरल वीडियो गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।

Rating

Mostly False