भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देते जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह... और CEC का पुतला जलाते कांग्रेस कार्यकर्ता।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस सड़क पर उतर आई।
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मंगलवार रात करीब 10 बजे भोपाल में PCC चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
यहां धरना-प्रदर्शन के बाद ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। दिल्ली में विपक्षी सांसदों के मार्च को पुलिस ने रोका था और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने 'नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद', 'अमित शाह मुर्दाबाद' और 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगाए।
पटवारी बोले- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी
PCC चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और करीब 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलने, सवाल पूछने और वोट चोरी का हिसाब लेने जा रहे थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी के साथ दिल्ली में जो व्यवहार हुआ, उसके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरेंगे।

पटवारी ने कांग्रेस को लोकतंत्र, वोट के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी बताते हुए भाजपा पर संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश, संविधान और जनता के वोट के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
पटवारी ने यह भी ऐलान किया कि प्रदेश के सभी जिलों में नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए जाएंगे।
सिंघार बोले- ज्ञानेश कुमार के माध्यम से पूरे सिस्टम को कैप्चर कर लिया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस आम जनता के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के माध्यम से पूरे सिस्टम को कैप्चर कर लिया गया है।
उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और आम व्यक्ति की अभिव्यक्ति की लड़ाई बताते हुए युवाओं और आम लोगों से आगे आने की अपील की। सिंघार ने कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक दौर में है और राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने की जरूरत है।

दिग्विजय बोले- आम नागरिक की लड़ाई राहुल गांधी लड़ रहे
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को छात्रों, गरीबों, मजदूरों और हर वर्ग की लड़ाई जमीन पर उतरकर लड़ने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर वोट चोरी का पहला प्रमाण सामने रखा था और इसके बाद कई प्रमाण दिए।
SIR का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुछ लोगों की मृत्यु हुई और कुछ लोग दूसरी जगह चले गए, तो बाकी हटाए गए मतदाता कौन हैं।
दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि केरल में PWD सचिव रहते ज्ञानेश कुमार पर करोड़ों रुपए के घपले के आरोप लगे थे और एक मलेशियाई कंपनी के अधिकारी की आत्महत्या से जुड़े मामले का भी उन्होंने उल्लेख किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रदर्शन के दौरान नहीं हुई है।

'मन की बात' की जगह आज हुई 'जन की बात'
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस आकाशवाणी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' किया करते थे, आज वहां 'जन की बात' हुई है। उन्होंने लोगों से राहुल गांधी के 'सत्याग्रह' पोर्टल से जुड़कर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
भोपाल के CEO कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं के संबोधन के बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। कांग्रेस ने दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।
दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की हिरासत को लेकर कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया है, जबकि भाजपा ने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर संस्थाओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।