मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज करते हुए, विपक्षी दल आज को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत से मुलाकात करना चाहते हैं. हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं.
बता दें, आज अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के साथ सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होंगे. इनके अलावा आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना से संजय राउत, एनसीपी (शरद पवार) से सुप्रिया सुले, सीपीआई से डी राजा, सीपीएम से एमए बेबी और ममता बनर्जी भी शामिल होंगी.
6 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेंगे
वहीं इस मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च के कारण आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेंगे. DMRC ने बताया कि जिन छह मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेंगे, वे हैं – पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंभा रोड. हालांकि, संबंधित सभी मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे दोनों ने CJI सूर्य कांत को पत्र लिखकर आज शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था. वे एक ज्ञापन सौंपकर ‘वोट चोरी’ को रोकने, CE ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को रोकने और वापस पेपर बैलेट सिस्टम अपनाने की मांग करना चाहते थे.
क्या बोले सीजेआई सूर्यकांत?
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध के जवाब में, CJI सूर्य कांत ने रविवार को कहा कि प्रशासनिक पक्ष पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कांग्रेस नेता से न्यायिक पक्ष पर याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है तो सुप्रीम कोर्ट सभी नागरिकों के लिए 24×7 खुला है. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक पक्ष पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.
इससे पहले, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां, सिविल सोसाइटी ग्रुप और युवा सोमवार (आज) को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और देश की ओर से CJI को एक ज्ञापन सौंपेंगे. कांग्रेस ने आज के विरोध प्रदर्शन को “चलो दिल्ली – लोकतंत्र के लिए मार्च” नाम दिया है, जिसके लिए नेताओं को दोपहर 1.30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड जंक्शन पर इकट्ठा होना है.
राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना
एक्स पर एक पोस्ट में, राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च उन भारतीयों द्वारा निकाला जाएगा जो पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर एकजुट हैं. ‘कल, देश के युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए दिल्ली में सड़कों पर उतरे. वे अपने दिलों में प्यार लेकर आए थे, न कि नफरत या गुस्सा. उन्हें पुलिस और BJP के गुंडों, दोनों ने पीटा. यह वह भारत नहीं है जो हम चाहते हैं. राहुल ने कहा कि हम पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर भारतीयों के तौर पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. युवा, सभी विपक्षी पार्टियां, सिविल सोसाइटी ग्रुप और वे सभी लोग जो लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और भारत के संविधान के साथ खड़े हैं, हमारे साथ चलेंगे.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज़ को दबा नहीं सकते. ये डरपोक हमें डरा नहीं सकते. उन्हें पीछे हटना होगा. हम प्यार, भाईचारे और देशभक्ति के साथ मिलकर मार्च करेंगे. डरो मत, उन्होंने कहा, और जोड़ा कि सोमवार को पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा.
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की पुलिस और बीजेपी के गुंडों ने पिटाई की. उन्होंने कहा कि वे देश के नागरिकों के तौर पर विरोध मार्च निकाल रहे थे क्योंकि वे संविधान की रक्षा करना चाहते थे.
संसद से विजय चौक तक मार्च
शुक्रवार को, INDIA गठबंधन की अलग-अलग विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च किया और बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा. रविवार को बेंगलुरु में बोलते हुए, मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश में अराजकता फैला दी है, और शनिवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारी पुलिस तैनाती और लोगों को हिरासत में लेने से युवाओं के आंदोलन को लेकर सरकार का डर दिखाई दिया.
खरगे ने कहा, हमने (CJI से) शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय मांगा है. हम उन्हें स्थिति से अवगत कराएंगे, क्योंकि हम मांग नहीं कर सकते. हम केवल हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध कर सकते हैं. खरगे ने कहा, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री देश में अराजकता फैला रहे हैं. एक अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है. उन्होंने बेंगलुरु में मीडिया से कही अपनी बातों का एक वीडियो X पर भी पोस्ट किया.
पुलिसकर्मी और CRPF जवान तैनात
खरगे ने कहा, मैंने एक पत्र लिखा है और राहुल गांधी ने भी एक पत्र लिखा है. हमने शाम 4 से 5 बजे के बीच एक बैठक तय की है, जिसमें हम उन्हें (CJI को) स्थिति के बारे में बताएंगे. शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजामों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा, लगभग 32,000 पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे. इससे पता चलता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितना डरती है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ये सभी बातें दिखाती हैं कि सरकार नहीं चाहती कि भारत में लोकतंत्र शांति से काम करे. उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब भी कोई सोचता है कि अमित शाह की दिल्ली पुलिस और कितना नीचे गिर सकती है, तो वे और नीचे गिर जाते हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसियों के रिपोर्टर, मलयालम पत्रकार, स्वतंत्र ब्लॉगर और यूट्यूबर- खासकर महिलाएं – को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जो पूरी तरह से अक्षम्य था.
लोकतंत्र की नींव पर हमला
AICC के महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि छात्रों, युवाओं और विपक्षी नेताओं की आवाज़ दबाने के लिए बल का क्रूर इस्तेमाल और तानाशाहीपूर्ण कोशिशें लोकतंत्र की नींव पर हमला थीं. सत्ता के अहंकार और किसी भी कीमत पर कुर्सी से चिपके रहने की जिद में, मोदी सरकार ने संविधान का गंभीर अपमान किया है. रमेश ने कहा, सत्ता के पागलपन में देश की प्रतिष्ठा और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना भारत के खिलाफ देशद्रोह है.
14 बार रिकॉर्ड पर जताई आपत्ति
विपक्ष का यह आक्रामक रुख ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी, जिसमें मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) पर जताई गई आपत्ति भी शामिल है. पिछले हफ्ते, INDIA गठबंधन ने SIR विवाद पर एक संयुक्त कार्य योजना को अंतिम रूप दिया, जिसमें रैलियां करना और लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालना शामिल है.

प्रशांत कुमार सिंह