विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें
Published: Tue, 06 Oct 2026 11:31 PM (IST)Updated: Tue, 06 Oct 2026 11:38 PM (IST)
INDI गठबंधन के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 'वोट चोरी' के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला।

CEC पर राहुल गांधी का मेगा प्रोटेस्ट में क्या-क्या हुआ। (एएनआई)
HighLights
INDI गठबंधन सांसदों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च किया।
राहुल गांधी, प्रियंका सहित कई विपक्षी सांसद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए।
आकाशवाणी भवन से हटाकर सभी सांसदों को देर रात रिहा कर दिया गया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। INDI गठबंधन के सांसदों ने एसआईआर-वोट चोरी के विरुद्ध मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मंगलवार को संसद भवन से मार्च निकालते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने का प्रयास कर रहे करीब 150 विपक्षी सांसदों को संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन के सामने पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर पहले ही रोक लिया गया तो तमाम सांसद वहीं धरने पर बैठ गए जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया।
हिरासत में लिए गए राहुल-प्रियंका
लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने के बाद आकाशवाणी भवन परिसर में घुसकर विरोध प्रदर्शन को हाई वोल्टेज राजनीतिक तेवर दे दिया।
करीब आठ घंटे तक प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कुछ अन्य सांसदों के साथ जबरदस्त उतार-चढ़ाव वाले इस धरने पर बैठे राहुल गांधी तथा उनके सहयोगी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रात आठ बजे हिरासत में लेकर आकाशवाणी भवन परिसर से हटा दिया। करीब 50 सांसदों के साथ उन्हें किंग्सवे कैंप ले जाया गया। करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद सभी को रात 10 बजे के बाद रिहा कर दिया गया।
बाद में राहुल ने उन्हें हिरासत में लिए जाने का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, 'लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा और एक भी देशद्रोही को बख्शा नहीं जाएगा।'
सीईसी को हटाने की मांग को लेकर INDI गठबंधन के सांसदों का प्रदर्शन
सीईसी को हटाने की मांग को लेकर INDI गठबंधन के सांसदों ने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग तक का विरोध मार्च निकाला। लेकिन आकाशवाणी भवन और नीति आयोग के बीच संसद मार्ग पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग के साथ घेरेबंदी कर विपक्षी सांसदों को वहीं रोक दिया।
विपक्षी सांसद करीब डेढ़ घंटे तक वहीं धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। इसी बीच कुछ सपा सांसद और कुछ देर बाद राहुल गांधी भी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। जबकि तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी बैरिकेड पर माइक लेकर प्रधानमंत्री और सीईसी के विरुद्ध नारेबाजी करते दिखे।
बीजू जनता दल पहली बार विपक्षी प्रदर्शन में शामिल हुआ
पुलिस ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, जॉन ब्रिटास, महुआ मोइत्रा, डेरक ओ ब्रायन, कार्ति चिदंबरम समेत तमाम विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया और बस में बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ दिया। सीईसी के खिलाफ यह विपक्ष का पहला बड़ा साझा आंदोलन था और खास बात यह रही कि बीजू जनता दल पहली बार विपक्षी प्रदर्शन में शामिल हुआ।
राहुल के साथ प्रियंका भी धरने पर बैठीं
विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी को भी बस में बिठा दिया गया था। इस बीच राहुल ने बाहर से ही उनसे कुछ बातचीत की और फिर सामने आकाशवाणी के रिसेप्शन गेट की की ओर वहां से उन्हें देख रहे लोगों की ओर बढ़े। गेट में घुसने का प्रयास करते हुए राहुल को सुरक्षाकर्मियों ने रोका और जोर-आजमाइश के बाद वह कुछ सहयोगियों के साथ 12.30 बजे आकाशवाणी परिसर में घुस गए।
इसी अफरा-तफरी के बीच आकाशवाणी के अंदर से ही करीब 200 मीटर दूर चुनाव आयोग जाने वाले अंदरूनी रास्ते का गेट बंद कर दिया गया। राहुल वहीं बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर बैठ गए और तब तक प्रियंका गांधी भी बस से उतरकर केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, दीपेंद्र हुडा, बीवी श्रीनिवास, चरणजीत सिंह चन्नी आदि के साथ उनके पास पहुंच गईं।
पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन किया
कांग्रेस नेताओं की विरोध की रणनीति में बदलाव से हतप्रभ पुलिस स्थिति को संभालने में लगी थी तो कई लोग राहुल-प्रियंका संग सेल्फी लेने लगे। कुछ ही देर में बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता उमड़ पड़े जिन्हें पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने हिरासत में लेकर बस में बिठाया।
इस दौरान राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि विपक्ष के 300 से अधिक लोकसभा और राज्यसभा सदस्य शांतिपूर्ण तरीके से सीईसी और दो चुनाव आयुक्तों से मिलने जा रहे थे, लेकिन जनप्रतिनिधियों को रोका जा रहा है। सवाल उठाया कि देश की आवाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से ही चुनाव आयोग नहीं मिलेगा, तो फिर लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाता है?
विपक्षी मार्च के चारों तरफ की सड़कों की किलेबंदी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भी आकाशवाणी परिसर में राहुल और प्रियंका को पुलिस हिरासत में लिए जाने तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम बीच-बीच में उमड़ता रहा। इस बीच शाम करीब चार बजे राहुल गांधी और सांसदों के खाने के लिए पार्टी नेताओं ने रोल मंगवाया।
शाम होते ही पहले धरना स्थल पर चटाई बिछाई गई और कुछ देर बाद उस पर सफेद चादर डाल राहुल ने डेरा जमा दिया। पुलिस अधिकारी कई बार उनसे जाने के लिए कहते रहे मगर राहुल ने कहा कि वह चुनाव आयोग जाकर सीईसी को बताना चाहते हैं कि उन्होंने वोट चोरी की है।
रात 10 बजे के बाद पुलिस ने सभी को रिहा किया
आकाशवाणी परिसर से हटने के लिए वह तैयार हैं, लेकिन फिर उन्हें जंतर-मंतर, इंडिया गेट या किसी दूसरी जगह धरने पर बैठने के लिए दी जाए। कांग्रेस नेता के धरने से रात में भी नहीं हटने का भान होते ही अंतत: दिल्ली पुलिस ने रात आठ बजे राहुल-प्रियंका समेत पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लेते हुए आकाशवाणी परिसर से हटा दिया। करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद सभी को रात 10 बजे के बाद रिहा कर दिया गया।