September 23, 2026

पेनकिलर कर देगी किडनी खराब, CDSCO ने दर्दनिवारक, एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर चेताया - cdsco warns against the indiscriminate use of painkillers and antibiotics

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:09 AM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2026 05:46 AM (IST)

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध उपयोग को लेकर चेताया है।

पेनकिलर कर देगी किडनी खराब, CDSCO ने दर्दनिवारक (सांकेतिक तस्वीर)

पेनकिलर कर देगी किडनी खराब, CDSCO ने दर्दनिवारक (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक के सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की दी सलाह 

  2. कहा- किडनी खराब होने और एएमआर का जोखिम तेजी से बढ़ा रहा एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल 

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध उपयोग को लेकर चेताया है।

कहा कि इससे क्रानिक किडनी डिजीज (सीकेडी), किडनी खराब होने और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) का जोखिम तेजी से बढ़ा है। एएमआर तब होता है जब रोगाणुओं पर दवा का कोई असर नहीं होता।

21 सितंबर को जारी सर्कुलर में सीडीएससीओ ने नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआइडी) या दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक के सही, सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल के साथ-साथ प्रिस्क्रिप्शन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है।

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल डा. राजीव सिंह रघुवंशी द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि दवाओं का आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट, 1940 और इसके तहत बने नियमों के तहत नियंत्रित किया जाता है।

संभावित जोखिम को देखते हुए एनएसएआइडी और एंटीबायोटिक समेत कई दवाओं को ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल जी, एच, एच1 और एक्स के तहत रखा गया है और इनके लिए उचित मेडिकल देखरेख की ज़रूरत होती है।

अधिकतर एनएसएआइडी दवाएं शेड्यूल एच में हैं। ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम 97 के तहत इन्हें किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं बेचा जा सकता है। अधिकतर एंटीबायोटिक्स शेड्यूल एच1 में हैं। उन पर चेतावनी लिखी होती है कि डाक्टर की सलाह के बिना इन्हें लेना खतरनाक हो सकता है।

आम लोगों को सलाह
दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक का बिना चिकित्सकीय सलाह के मनमाने तरीके से इस्तेमाल न करें।
एंटीबायोटिक का इस्तेमाल खुद से इलाज करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
एंटीबायोटिक को डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से ही लें। बची हुई दवा का दोबारा इस्तेमाल ने करें।
जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है वे दर्द निवारक दवाएं लेने से पहले अपने उाक्टर से अवश्य सलाह लें।

डॉक्टरों के लिए सलाह

  • दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक तभी लिखें जब इसकी जरूरत हो। दवा लिखते समय मरीज की स्थिति, उम्र, अन्य बीमारियों, साथ में चल रही दवाओं और संबंधित जोखिमों को ध्यान में रखें
  • दर्द निवारक दवाएं लिखते समय खासकर किडनी की समस्या के अधिक जोखिम वाले मरीजों में कम से कम खुराक और कम से कम अवधि के लिए दवा लेने की सलाह दें

फार्मासिस्ट और दवा विक्रेताओं के लिए सलाह

फार्मासिस्ट, खुदरा विक्रेता अनुसूची एच, एच1 और अन्य प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री और वितरण से जुड़े कानूनी प्रविधानों का सख्ती से पालन करें- अनुसूची एच, एच1 दवाएं ड्रग्स रूल्स, 1945 के लागू प्रविधानों के अनुसार बेची जानी चाहिए।

अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए निर्देश
सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक के उचित इस्तेमाल और निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी है।

वहीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे स्वास्थ्य पेशेवरों, फार्मासिस्ट, खुदरा विक्रेताओं और आम लोगों के बीच दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक के मनमाने इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को लेकर जागरूकता फैलाएं।