उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी), लखनऊ की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) रविवार 25 अक्टूबर से शुरू होगी। मेरठ में परीक्षा के लिए 48 केंद्र तैयार किए गए हैं। तीन दिन तक दो पालियों में होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पार
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परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षार्थियों की पहचान, तलाशी और प्रवेश प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
परीक्षा प्रत्येक दिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। पहली पाली के लिए सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं मिलेगी।

मेरठ में 48 केंद्रों पर होगी पीईटी-2026 परीक्षा
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर प्रतिबंध
परीक्षा की निष्पक्ष बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या किसी भी तरह की प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जाएं।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को डाउनलोड किया हुआ एडमिट कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा फोटोयुक्त पहचान पत्र अथवा मूल आधार कार्ड भी रखना होगा। अभ्यर्थियों को पासपोर्ट साइज दो फोटो भी साथ लानी होंगी। केंद्रों पर डाक्यूमेंट्स की जांच और पहचान का वेरिफिकेशन करने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पीईटी-2026 एमसीक्यू परीक्षा होगी। इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके जवाब अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर देने होंगे। परीक्षा कक्ष में 24 परीक्षार्थियों पर दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती रहेगी। केंद्र व्यवस्थापकों को बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी, ताकि परीक्षा व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी
सीसीटीवी से निगरानी, फोटो और आइरिस स्कैन से पहचान
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी निगरानी और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फोटो और आइरिस स्कैन के माध्यम से बायोमेट्रिक डाटा भी लिया जाएगा। केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा शुरू होने से पहले सीसीटीवी, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य व्यवस्थाओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या न आए। प्रशासन का जोर परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है।