July 22, 2026

CCTNS Review Meeting: छत्तीसगढ़ में डिजिटल न्याय व्यवस्था पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा एक्शन, E-FIR से E-Forensic तक सिस्टम होगा हाईटेक

छत्तीसगढ़ में CCTNS समीक्षा बैठक में डिजिटल न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, E-FIR, E-Sakshya, E-Signing Pad और ICJS के विस्तार पर अहम फैसले लिए गए।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) को प्रभावी ढंग से लागू करने और न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी तथा त्वरित बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन के दौरान सामने आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण तथा पुलिस और न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

डिजिटल और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया राज्य सरकार की प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नई भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की जांच, साक्ष्य संग्रह, न्यायालयीन कार्यवाही और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के हर चरण को सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाए ताकि लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके।

E-FIR, E-Challan और E-Forensic सहित सभी डिजिटल मॉड्यूल को जोड़ने पर जोर

बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति और अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से एकीकृत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी डिजिटल मॉड्यूलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणाममुखी बन सके।

ई-साक्ष्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण

बैठक में डिजिटल साक्ष्यों के बढ़ते महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का संग्रह, संरक्षण और न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता से किया जाना चाहिए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित करने और उनकी कार्यप्रणाली को अन्य जिलों में लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

जल्द शुरू होगी ‘न्याय श्रुति’ प्रणाली

बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र शुरू करने को लेकर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराई जाए ताकि न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे न्यायालयों में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और न्यायिक कार्यों की गति में सुधार आएगा।

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के थानों में लगेंगे E-Signing Pad

प्रार्थियों और शिकायतकर्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पहले चरण में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इस व्यवस्था से शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया आसान होगी और दस्तावेजों के ऑनलाइन निष्पादन में तेजी आएगी। बाद में इस सुविधा का विस्तार पूरे राज्य में किया जाएगा।

ICJS के पांचों स्तंभों को मजबूत बनाने की तैयारी

विजय शर्मा ने इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के सभी पांच प्रमुख स्तंभों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक और अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए।

जिला अस्पतालों को MedLeaPR से जोड़ने की तैयारी

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर आवश्यक प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।

NCRB और NIC मिलकर सुलझाएंगे तकनीकी चुनौतियां

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान सामने आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी बाधाओं को जल्द दूर कर सीसीटीएनएस की सभी सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित किया जाना चाहिए।

निजी अस्पतालों को भी CCTNS नेटवर्क से जोड़ने की योजना

बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान में तेजी आएगी और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना भी की।

FSL में सुधार और लंबित मामलों को कम करने पर विशेष जोर

विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकार के मामलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय करने और जांच की समय-सीमा को कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने फोरेंसिक विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा लंबित मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष बल दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं एनसीआरबी और सीसीटीएनएस से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।