सीबीएसई ने 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन और कॉपियों की स्कैन कॉपी के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है।
सीबीएसई ने 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन और कॉपियों की स्कैन कॉपी के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है।
- Published: 28 Aug 2026, 07:51 PM IST
- Last Updated: 28 Aug 2026, 07:51 PM IST
CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-रिजल्ट सुविधाओं (जैसे कॉपियों की स्कैन कॉपी, मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा इस संबंध में 27 अगस्त को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था।
बता दें कि 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा के नतीजे गत 12 अगस्त 2026 को घोषित किए गए थे। नियमों के मुताबिक, जो छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट हैं और उन्हें चुनौती देना या वेरिफाई कराना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका (evaluated answer book) की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करना होगा।
महत्वपूर्ण तारीखें और शुल्क (Important Dates & Fees)
छात्रों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क का विवरण इस प्रकार है:
- स्कैन कॉपी के लिए आवेदन: 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक (शुल्क: ₹100 प्रति विषय)
- मार्क्स वेरिफिकेशन (अंकों का सत्यापन): 7 से 8 सितंबर 2026 तक (शुल्क: ₹100 प्रति उत्तर पुस्तिका)
- री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन): 7 से 8 सितंबर 2026 तक (शुल्क: ₹100 प्रति प्रश्न)
- आवेदन का माध्यम: केवल ऑनलाइन मोड
- भुगतान के विकल्प: यूपीआई (UPI), क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग
आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया (Post-Result Process)
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- चरण 1: सबसे पहले संबंधित विषय की जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करें।
- चरण 2: स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद छात्र मार्क्स वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन या दोनों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। कॉपियों की स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्रों को यह जांचना चाहिए कि सभी प्रश्नों का मूल्यांकन हुआ है या नहीं, स्टेप मार्किंग के अंक सही जुड़े हैं या नहीं, और कवर पेज पर टोटल सही है या नहीं। यदि कोई विसंगति मिलती है, तो छात्र को आवेदन के दौरान उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
री-इवैल्यूएशन से जुड़े जरूरी नियम और चेतावनियां
पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) की प्रक्रिया केवल थ्योरी के पेपर के लिए और पूरे प्रश्न के लिए होगी, न कि प्रश्न के किसी छोटे हिस्से के लिए। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध मार्किंग स्कीम से अपने उत्तरों का मिलान कर लें।
बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि री-इवैल्यूएशन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। यदि एक अंक भी कम होता है, तो उसे भी लागू किया जाएगा। परिणाम अंतिम होगा और इसके खिलाफ कोई अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, अगर अंकों में वृद्धि होती है, तो भुगतान किया गया शुल्क उसी खाते में वापस (refund) कर दिया जाएगा।