केंद्रीय जांच एजेंसी ने शिक्षिका की मौत के मामले में पंचकूला कोर्ट में केस बंद करने की अर्जी लगाई, पिता ने कहा जांच में लीपापोती की गई, साक्ष्यों के आधार पर लड़ेंगे कानूनी लड़ाई।
भिवानी में मामले की जानकारी देते मनीषा के पिता और दादा।
- Published: 14 Aug 2026, 05:00 PM IST
- Last Updated: 14 Aug 2026, 05:00 PM IST
हरियाणा के चर्चित मनीषा मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। इस पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच पूरी करते हुए इसे आत्महत्या करार दिया है। सीबीआई की नई दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम-II शाखा ने मनीषा के पिता संजय को भेजे आधिकारिक पत्र में जानकारी दी है कि जांच पूरी कर पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है। हालांकि, मृतका के परिजन और स्थानीय सामाजिक संगठन जांच एजेंसी के इस निष्कर्ष से जरा भी संतुष्ट नहीं हैं और उनका साफ कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय केवल लीपापोती की गई है।
27 अगस्त को मिलेगी चार्जशीट
शुक्रवार को जब मनीषा के पिता संजय अपने समर्थकों के साथ पंचकूला कोर्ट पहुंचे, तो अदालत ने उन्हें क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने की जानकारी दी। परिजनों को फिलहाल चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है, जिसके लिए अदालत ने 27 अगस्त की तिथि मुकर्रर की है।
जज ने परिजनों को एक कुशल अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में अपना पक्ष रखने की सलाह दी है। पिता संजय ने कहा कि वे 27 तारीख को सारे कागजात मिलने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस या सीबीआई के पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है जो सुसाइड को साबित कर सके, इसलिए परिवार इस थ्योरी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
खाप और परिजनों का फूटा गुस्सा, न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
इस बीच परिजनों और खाप प्रतिनिधियों का गुस्सा भी सामने आ रहा है। वैरागी सभा हरियाणा के प्रधान शिव कुमार और मनीषा के दादा रामकिशन ने कहा कि सीबीआई की कार्यप्रणाली से उन्हें केवल निराशा हाथ लगी है।
उनका आरोप है कि परिवार को 10 तारीख को नोटिस भेजकर 12 को रिपोर्ट सबमिट करने की सूचना दी गई, लेकिन जब वे 14 तारीख को कोर्ट पहुंचे तो पूरी चार्जशीट उपलब्ध न होने का हवाला देकर मामला आगे टाल दिया गया। मनीषा की बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी ऐलान किया है कि यदि कागजातों के अध्ययन के बाद न्याय की उम्मीद नहीं दिखी, तो वे अदालत के साथ-साथ सड़क की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
ऐसे सीबीआई तक पहुंची थी जांच
अगर इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर देखें तो भिवानी के लक्ष्मण ढाणी गांव की निवासी मनीषा 11 अगस्त 2025 को प्ले स्कूल में ड्यूटी करने के बाद नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की बात कहकर निकली थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो तलाश शुरू की गई और 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों में संदिग्ध अवस्था में मिला।
परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन 18 अगस्त 2025 को स्थानीय पुलिस द्वारा इसे आत्महत्या बताए जाने पर भारी जनआक्रोश पैदा हो गया। जनदबाव और दिल्ली एम्स में दोबारा हुए पोस्टमार्टम के बाद 26 अगस्त 2025 को यह जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। अब करीब एक साल की जांच के बाद सीबीआई ने भी इसे सुसाइड मानकर क्लोजर रिपोर्ट लगाई है, जिस पर 27 अगस्त को कोर्ट में अगली सुनवाई होनी है।