नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ‘इनकम टैक्स रूल्स 2026’ में बड़े संशोधन करते हुए देश भर के करदाताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) और टैक्स प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत दी है। आयकर विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के तहत न केवल फॉर्म 169 और फॉर्म 171 के प्रारूप को आसान बनाया गया है, बल्कि अनिवार्य कंप्लायंस की अंतिम तारीखों में भी विस्तार किया गया है। इन बदलावों का प्राथमिक उद्देश्य टैक्स कंप्लायंस को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाना है, जिससे अंतिम समय में सर्वर क्रैश और लेट फीस के डर से बचा जा सके।
टैक्स रिकवरी से हटा गिरफ्तारी और हिरासत का डर
सीबीडीटी ने टैक्स रिकवरी से जुड़े नियम 225 में ऐतिहासिक सुधार किया है। इस नियम के तहत पहले मौजूद कठोर प्रावधानों- विशेष रूप से करदाताओं की गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े क्लॉज- को पूरी तरह हटा दिया गया है। सरकार के इस कदम से ईमानदार करदाताओं के बीच टैक्स रिकवरी के नाम पर बनने वाले खौफ के माहौल पर लगाम लगेगी और कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा।
फॉर्म 169 और 171 हुए आसान, डिजिटल सिग्नेचर के नियम में ढील
प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए नियम 176 में इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन से जुड़ी शब्दावली को बदला गया है। अब ‘डिजिटल सिग्नेचर लगाकर’ सूचना भेजने की सख्त बाध्यता की जगह ‘इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन के जरिए’ शब्दों को शामिल किया गया है। इसके अलावा फॉर्म 169 और 171 के फॉर्मेट को टैक्सपेयर्स के फीडबैक के आधार पर री-डिजाइन किया गया है, जिससे रिटर्न और जरूरी दस्तावेज दाखिल करने में तकनीकी अड़चनें न आएं।
वैल्यूअर्स और प्रैक्टिशनर्स को 6 महीने की बड़ी मोहलत
नए संशोधनों के तहत दो प्रमुख श्रेणियों को रजिस्ट्रेशन के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। नियम 246 के तहत नए वैल्यूअर्स के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख, जो पहले 30 सितंबर 2026 थी, उसे बढ़ाकर अब 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। इसी तरह नियम 256 के तहत रजिस्टर्ड इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स के लिए भी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इस 6 महीने की अतिरिक्त छूट से प्रोफेशनल्स को औपचारिकताएं पूरी करने में सहूलियत होगी।
30 सितंबर तक टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करना जरूरी
सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 30 सितंबर 2026 ही रहेगी। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 44AB के दायरे में आने वाले कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को तय तारीख से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपने खातों का ऑडिट करवाकर ITR पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करवानी होगी।
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