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- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Aug 20, 2026, 12:00 PM IST
Car Buying Mistakes: नई कार खरीद रहे हैं और केवल EMI को ही एक बड़ा खर्च मान रहे हैं तो ये जानकारी आपके की साबित होगी। आपको ईएमआई के अलावा, भी कुछ हिडन खर्चों की जानकारी होनी चाहिए।
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कार खरीद रहे हैं तो इन खर्चों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज (Photo: iStock)
Car Buying Mistakes: नई कार खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए एक बड़ा वित्तीय फैसला होता है। कार की कीमत, डाउन पेमेंट और हर महीने जाने वाली EMI का हिसाब तो खरीदार पहले ही लगा लेता है, लेकिन अक्सर कुछ ऐसे खर्च छूट जाते हैं, जो कार खरीदने के बाद धीरे-धीरे सामने आते हैं। यही Hidden Costs कुछ महीनों बाद बजट पर अतिरिक्त बोझ डालने लगते हैं। आइए जानते हैं कार खरीदारी के साथ ईएमआई के अलावा और कौन-से खर्च का ध्यान रखा जाना जरूरी है-
इंश्योरेंस का खर्च
कार खरीदते समय इंश्योरेंस का खर्च अक्सर ऑन-रोड कीमत में शामिल होता है, इसलिए खरीदार इसे अलग खर्च के तौर पर नहीं देखता। लेकिन अगले साल से इंश्योरेंस रिन्यू कराने के लिए आपको अपनी जेब से रकम देनी होगी। कार के मॉडल, इंश्योरेंस कवर, IDV, ऐड-ऑन और ड्राइविंग प्रोफाइल के आधार पर प्रीमियम अलग-अलग हो सकता है। इसलिए हर साल के Insurance Renewal को अपने बजट में शामिल करना चाहिए।
फ्यूल का खर्च
यह सबसे बड़ा नियमित खर्च हो सकता है। अगर आप रोज ऑफिस जाने के लिए कार चलाते हैं तो EMI के अलावा हर महीने पेट्रोल या डीजल का बड़ा खर्च जुड़ जाएगा।
सर्विस और मेंटेनेंस
नई कार होने का मतलब यह नहीं है कि शुरुआती वर्षों में कोई रखरखाव खर्च नहीं होगा। समय-समय पर सर्विस, इंजन ऑयल, फिल्टर, ब्रेक पैड, वाइपर और दूसरे Consumables पर पैसा खर्च हो सकता है। कुछ खर्च नियमित होते हैं, जबकि कुछ अचानक सामने आते हैं। इसलिए हर महीने थोड़ी रकम Car Maintenance Fund के तौर पर अलग रखना समझदारी हो सकती है।
टायर और बैटरी का खर्च
टायर और बैटरी हमेशा EMI की तरह हर महीने पैसा नहीं मांगते, लेकिन जब बदलने का समय आता है तो एक साथ बड़ी रकम खर्च हो सकती है। अगर कार लंबे समय तक इस्तेमाल करनी है, तो भविष्य में आने वाले इन खर्चों को भी कुल बजट में शामिल करना चाहिए।
पार्किंग का खर्च
घर में पार्किंग की जगह नहीं है तो कार खरीदने के बाद Parking Fee एक नियमित खर्च बन सकती है। ऑफिस, मॉल, बाजार या अन्य जगहों पर भी पार्किंग के लिए भुगतान करना पड़ सकता है। कई लोग कार खरीदने से पहले इस खर्च को बिल्कुल नहीं जोड़ते। लेकिन अगर रोज ऑफिस में पेड पार्किंग करनी पड़ती है, तो सालभर में यह रकम काफी बढ़ सकती है।
कार एक्सेसरीज और छोटे-छोटे खर्च
कार खरीदते समय Floor Mat, Seat Cover, Dash Cam, Sunshade, Perfume, Phone Holder जैसी कई Accessories खरीदने का मन करता है। एक-एक करके ये खर्च छोटे लगते हैं, लेकिन सबको जोड़ने पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं।
लोन से जुड़े अतिरिक्त खर्च
अगर कार लोन पर खरीदी जा रही है तो केवल EMI देखना काफी नहीं है। Loan Processing Fee, Documentation Charges, कुछ मामलों में अन्य संबंधित शुल्क और ब्याज की कुल लागत को भी समझना चाहिए।
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शिवानी कोटनालाauthor
शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।
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