August 31, 2026

Car Care Tips: सर्विस सेंटर जाने से पहले घर पर चेक करें 5 चीजें, एक्स्ट्रा खर्च बचेगा - Haribhoomi

Car Care Tips: अगर आप कार को सर्विस सेंटर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले कुछ जरूरी चीजों की जांच घर पर ही कर लेना फायदेमंद हो सकता है।

Car Maintenance

घर पर चेक करें 5 चीजें, एक्स्ट्रा खर्च बचेगा

  • Published: 31 Aug 2026, 09:07 PM IST
  • Last Updated: 31 Aug 2026, 09:07 PM IST

Car Care Tips: अक्सर कार मालिक जब भी सर्विस सेंटर जाते हैं, तो मैकेनिक कई छोटी-छोटी कमियों को बताकर बिल में अतिरिक्त पार्ट्स और लेबर चार्ज जोड़ देते हैं। इसलिए थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से आप सर्विस सेंटर जाने से पहले ही अपनी गाड़ी को खुद चेक कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पांच मेंटेनेंस टिप्स जिन्हें बिना एक भी पैसा खर्च किए घर पर ही किया जा सकता है

1. एयर फिल्टर की सफाई करें
कार का एयर फिल्टर इंजन तक साफ हवा पहुंचाने का काम करता है। समय के साथ इसमें धूल और गंदगी जमा हो सकती है। बहुत गंदा एयर फिल्टर इंजन की एयरफ्लो को प्रभावित कर सकता है और माइलेज पर भी असर पड़ सकता है।

सर्विस सेंटर जाने से पहले बोनट खोलकर एयर फिल्टर की स्थिति देख सकते हैं। अगर फिल्टर सिर्फ धूल भरा है और उसकी हालत ठीक है, तो उसे हल्के हाथ से साफ किया जा सकता है। लेकिन अगर वह बहुत ज्यादा गंदा या खराब हो चुका है, तो उसे बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

2. टायरों की हालत और घिसाव देखें
टायर में सही एयर प्रेशर होना कार के लिए बेहद जरूरी है। कम या गलत एयर प्रेशर से रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ सकता है और फ्यूल की खपत पर असर पड़ सकता है।
घर पर ही चारों टायरों की ग्रिप और घिसाव को देखें। टायरों में फंसे छोटे पत्थर या दूसरी चीजें भी निकाल सकते हैं।
अगर किसी टायर का घिसाव बाकी टायरों की तुलना में ज्यादा या असमान है, तो यह व्हील अलाइनमेंट जैसी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में सर्विस सेंटर पर इसकी जांच कराना बेहतर है।

3. वाइपर और वॉशर फ्लूइड चेक करें
विंडस्क्रीन पर धूल जमा होने से वाइपर ब्लेड जल्दी खराब हो सकते हैं और कांच पर निशान या स्क्रैच आने का खतरा बढ़ सकता है। वाइपर ब्लेड को गीले कपड़े से साफ किया जा सकता है। साथ ही वॉशर फ्लूइड का लेवल भी चेक करें।
हालांकि, सिर्फ पानी या घरेलू शैंपू डालने के बजाय कार के लिए बनाए गए उचित विंडस्क्रीन वॉशर फ्लूइड का इस्तेमाल करना बेहतर है। इससे सिस्टम और विंडस्क्रीन को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम रहता है।

4. इंजन ऑयल और कूलेंट लेवल देखें
इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल भी बेसिक तरीके से चेक किया जा सकता है। इंजन ऑयल के लिए डिपस्टिक का इस्तेमाल करें और वाहन निर्माता की ओर से बताए गए सही लेवल के निशान के अनुसार जांच करें।
कूलेंट रिजर्वायर का लेवल भी देखें। अगर कूलेंट कम है तो सिर्फ अनुमान से कोई तरल डालने के बजाय कार के मैनुअल में दिए निर्देशों का पालन करें।
कूलेंट सिस्टम में गलत तरल या गलत अनुपात इस्तेमाल करने से नुकसान हो सकता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर सही कूलेंट का ही इस्तेमाल करें।

5. बैटरी और केबल की जांच करें
कार की बैटरी के टर्मिनल पर समय के साथ सफेद या हरे रंग का जमाव दिखाई दे सकता है। यह कनेक्शन को प्रभावित कर सकता है।
बैटरी टर्मिनल की सफाई से पहले सुरक्षा का ध्यान रखें और वाहन निर्माता के निर्देशों के अनुसार ही सफाई करें। साथ ही बैटरी केबल ढीली तो नहीं है, यह भी देख सकते हैं।
अगर बैटरी बार-बार डाउन हो रही है, स्टार्ट करने में परेशानी आ रही है या टर्मिनल बुरी तरह खराब हैं, तो इसे सिर्फ साफ करके नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की जांच कराना जरूरी है।

सर्विस सेंटर जाने से पहले क्यों जरूरी है ये चेक?
इन बेसिक चीजों को पहले से देखने का सबसे बड़ा फायदा है कि यह आपको अपनी कार की मौजूदा स्थिति का अंदाजा रहता है। इससे आप समझ सकते हैं कि कौन-सी चीज वास्तव में गंदी, घिसी या खराब है और किस चीज पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

हालांकि, घर पर की जाने वाली ये जांच नियमित सर्विसिंग या जरूरी रिपेयर का विकल्प नहीं हैं। ब्रेक, सस्पेंशन, इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम या किसी अन्य गंभीर समस्या के लिए प्रशिक्षित मैकेनिक से जांच कराना जरूरी है।

(मंजू कुमारी)