August 9, 2026

अश्मिता चालिहा ने जीता पहली BWF वर्ल्ड टूर खिताब, कोरिया मास्टर्स 2026 के फाइनल में चीनी खिलाड़ी को दी मात - India TV Hindi

भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों को साल 2026 में काफी शानदार प्रदर्शन अलग-अलग इवेंट में देखने को मिला है, जिसमें एक नाम अब 26 साल की अश्मिता चालिहा का भी जुड़ गया है जो कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम करने में कामयाब रही है। अश्मिता का यह पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है जिसमें उन्होंने कोरिया मास्टर्स 2026 में महिला सिंगल्स के फाइनल मैच में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हान कियान शी को मात देकर जीत हासिल की। तीन सेटों तक चले इस फाइनल मैच में अश्मिता की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, जिसमें उनको पहले सेट में 14-21 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अश्मिता ने शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों सेटों को अपने नाम किया और 53 मिनट के अंदर इस मुकाबले को खत्म कर दिया।

अश्मिता ने दूसरे सेट से दिखाया शानदार खेल

कोरिया मास्टर्स 2026 में महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में अश्मिता चालिहा की शुरुआत पहले सेट में बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार नहीं रही, जिसमें उन्होंने आगाज तो अच्छा किया था लेकिन उसके बाद चीनी खिलाड़ी हान ने शानदार वापसी की और ये सेट 21-14 के अंतर से अपने नाम कर लिया है। दूसरे सेट की शुरुआत होने के साथ अश्मिता ने वापसी करने के साथ आक्रामक खेल दिखाया और अपने स्मैश का अच्छा इस्तेमाल करते हुए हान पर दबाव बनाया। दूसरे सेट में एक समय स्कोर 6-6 की बराबरी पर था, जिसके बाद अश्मिता ने बढ़त बनाते हुए इसे 21-14 के अंतर से जीत लिया और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में अश्मिता ने अपने आक्रामक खेल को जारी रखते हुए चीनी खिलाड़ी हान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 21-14 के अंतर से उसे भी अपने नाम करने के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।

इस खिताब ने मेरी आगे और भी बहुत कुछ हासिल करने की भूख बढ़ा दी है

अश्मिता चालिहा ने कोरिया मास्टर्स 2026 का खिताब जीतने के बाद जहां अपनी खुशी को जाहिर किया तो वहीं उन्होंने यह भी कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह अविश्वसनीय है लेकिन मैं इसे समझने की कोशिश कर रही हूं। इसने मेरी आगे और भी बहुत कुछ हासिल करने की भूख को बढ़ा दिया है। पहले गेम में ड्रिफ्ट की वजह से थोड़ी मुश्किल हुई थी, इसलिए मैं इस पर कंट्रोल नहीं बना सकी लेकिन दूसरे गेम में दूसरी तरफ स्थिति बेहतर थी और ड्रिफ्ट कम थी, जिसके दम पर मैंने वापसी की। तीसरे गेम में 11 प्वाइंट के बाद, मैंने फिर से अपनी रणनीति बदली और मुकाबला जीतने में कामयाब हो सकी। बता दें कि कुछ दिन पहले ही तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीता था, तो वहीं इससे पहले पीवी सिंधु ने जापान ओपन को अपने नाम किया जबकि देविका सिहाग ने थाइलैंड मास्टर्स का खिताब जीता था।

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