बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में आयोजित देशभर के शीर्ष पदाधिकारियों की अहम बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नया नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिया है। इस फैसले से संगठन में नए सियासी समीकरण देखने को मिल रहे हैं।
बैठक शुरू होने से पहले ईशान आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
- Published: 23 Sep 2026, 02:14 PM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 02:14 PM IST
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के साथ-साथ उत्तराखंड और पंजाब के चुनावी समर में उतरने से पहले बहुजन समाज पार्टी ने लखनऊ में एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक आयोजित की। बसपा प्रमुख मायावती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में देशभर से पार्टी के बड़े और मुख्य पदाधिकारी पहुंचे। संगठन को मजबूत करने और 2027 के चुनावों के लिए कैडर में नई ऊर्जा भरने के मकसद से इस बार पार्टी के पारंपरिक ढर्रे में काफी बदलाव देखने को मिला।
ईशान आनंद बने नेशनल कोऑर्डिनेटर, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
बैठक शुरू होने से पहले ईशान आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके तुरंत बाद बैठक में ईशान को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया। पिछले कुछ दिनों से संगठन में ईशान की भूमिका को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे, इस घोषणा के साथ ही उन पर पूरी तरह विराम लग गया है।
सीटिंग अरेंजमेंट में बड़ा बदलाव, दिया समता का संदेश
लखनऊ में हुई इस राष्ट्रीय बैठक में संगठन के भीतर बड़े परिवर्तन देखने को मिले। बैठक हॉल में सबसे बड़ा बदलाव सीटिंग अरेंजमेंट में किया गया, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ और कनिष्ठ पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था को एक समान रखा गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 'कोई छोटा-बड़ा नहीं, सब बराबर हैं' का यह संदेश मायावती ने संगठन में एकजुटता, अनुशासन और समता का भाव पैदा करने के लिए दिया है, ताकि कार्यकर्ताओं को चुनावी मिशन में बराबरी के साथ जोड़ा जा सके।
तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों पर गहन मंथन
मायावती की अध्यक्षता में आयोजित इस सर्व-स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। सेक्टर प्रभारियों से लेकर प्रांतीय प्रभारियों के कामकाज और जमीनी फीडबैक पर मंथन हुआ। मायावती ने सभी नेताओं को अपने-अपने राज्यों में दलित, पिछड़े और बहुजन कैडर वोट बैंक को फिर से पार्टी के पाले में मजबूती से खड़ा करने और उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नई जिम्मेदारी के साथ संगठन में अनुशासन की सख्त हिदायत
मायावती ने संगठन में ईशान आनंद को नई भूमिका देने के साथ-साथ अनुशासन और निष्ठा का भी कड़ा संदेश दिया है। पार्टी में हालिया फेरबदल और सेक्टर प्रभारियों की पुनर्रचना के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी पदाधिकारियों को किसी भी तरह की गुटबाजी से परे हटकर सिर्फ बहुजन मिशन के लिए समर्पित होकर काम करना होगा। ईशान आनंद की पदोन्नति के बाद अब बसपा आने वाले चुनावों के लिए पूरी आक्रामकता से जमीन पर उतरने की योजना बना रही है।