BRICS Summit 2026: PM मोदी ने कहा कि आज स्वीकार किया गया नई दिल्ली घोषणापत्र हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है. अब इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी हमारी है.
BRICS Summit 2026: PM मोदी ने कहा कि आज स्वीकार किया गया नई दिल्ली घोषणापत्र हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है. अब इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी हमारी है.
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BRICS Summit 2026
ब्रिक्स समिट 2026 जारी है. इस बीच, सभी ब्रिक्स देशों ने साझा घोषणापत्र पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा घोषणा पत्र जारी किया और कहा कि दोस्तों हमारी आज की बैठक बहुत सार्थक और रचनात्मक रही. हमारे विचारों की विविधता के साथ ब्रिक्स सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज की चर्चा से साफ हो गया कि विश्व का संचालन पुराने संस्थानों से नहीं किया जा सकता है. रिप्रंजेंटेशन, रिस्पॉन्सिवनेस और रूल मेकिंग... तीनों में सुधार की आवश्यकता है. हमने इस बात पर भी बल दिया कि भविष्य की तकनीक और उनके नियमों के निर्माण में वैश्विक दक्षिण की बराबर भागीदारी होनी चाहिए. निर्णयों और उनके परिणामों के बीच जो दूरी बनी हुई है, उसको पार्टनरशिप और कलेक्टिव एक्शन से कम करना होगा. BRICS समिट 2026 में आज स्वीकार किया गया नई दिल्ली घोषणापत्र हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है. अब इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी हमारी है.
#WATCH | The draft of the BRICS New Delhi Declaration 2026 is before us. It encapsulates the essence of our discussions and reflects our perspectives on key global and regional issues. It also outlines priorities for further strengthening BRICS cooperation. If no member has any… pic.twitter.com/ASDgKPwEUp
— DD News (@DDNewslive) September 12, 2026
आतंकवाद की कड़ी निंदा
नई दिल्ली घोषणापत्र में स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद के पीछे कोई भी उद्देश्य हो, वह दुनिया में कहीं भी हुआ हो या उसके पीछे कोई भी व्यक्ति शामिल हो, उसकी एक स्वर में निंदा की जानी चाहिए. साझा बयान में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए उस आतंकवादी हमले की भी कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
#WATCH | Alongside the diversity of our views, our shared commitment to BRICS cooperation has also clearly emerged. Today’s discussion makes it evident that the changing world cannot be steered by outdated institutions; reforms are essential in representation, responsiveness, and… pic.twitter.com/UyUG4E85V7
— DD News (@DDNewslive) September 12, 2026
ब्रिक्स देशों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों को मिलने वाले फंड (वित्तपोषण) और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखने की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही, इस बात पर जोर दिया गया कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. घोषणापत्र में आतंकवाद के प्रति 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की नीति अपनाने, इसमें संलिप्त लोगों को जवाबदेह बनाने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित सभी आतंकवादियों एवं संगठनों के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की गई है. ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक सम्मेलन को शीघ्र ही अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की भी मांग की है.
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