धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ी मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को भारत वापस लाने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित प्रतिमा का कानूनी सत्यापन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार ने उसकी वापसी के प्रयास त
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केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने भोपाल में बताया कि भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और ब्रिटिश म्यूजियम के बीच कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी बीच 5 अगस्त से भोपाल में शुरू हो रहे ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 में भी सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी और संरक्षण प्रमुख एजेंडा रहेगा।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला द्वारा इस विषय को लगातार प्राथमिकता दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने प्रतिमा की वापसी के लिए जरूरी औपचारिकताओं को गति दी है। उम्मीद है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतिमा को भारत लाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सम्मेलन के चलते विभिन्न देशों के झंडे भी लगाए गए हैं।
5 अगस्त से भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में 5 से 8 अगस्त तक ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संस्कृति मंत्री, अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, चोरी हुई धरोहरों की वापसी, संग्रहालयों के बीच सहयोग, डिजिटल सांस्कृतिक नेटवर्क और रचनात्मक उद्योगों पर मंथन होगा।
पहले दिन प्रतिनिधियों का पंजीकरण, द्विपक्षीय बैठकें और प्रदर्शनियों का अवलोकन कराया जाएगा। शाम को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में पारंपरिक स्वागत, मृदा शिल्प प्रदर्शनी, जनजातीय संस्कृति का परिचय और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
मिंटो हॉल में तीन विशेष प्रदर्शनियां
सम्मेलन के दौरान आम नागरिकों के लिए भी तीन प्रमुख प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी-
- ज्ञान भारतम
- प्रोजेक्ट मौसम
- प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत
इनके माध्यम से भारत की पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और प्राचीन सभ्यतागत संपर्कों को प्रदर्शित किया जाएगा।

मिंटो हॉल परिसर में प्रदर्शनी भी लगेगी।
6 अगस्त: सांस्कृतिक सहयोग पर मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा-पत्र का मसौदा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी। शाम को रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें सभी सदस्य और साझेदार देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
7 अगस्त: 'अमृतस्य मध्य प्रदेश' से होगा स्वागत
7 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों के आगमन के बाद शाम को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 आयोजित होगा। इसकी शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" से होगी। इसके बाद भारत और ब्रिक्स देशों के कलाकार संयुक्त संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे।
इसी दिन संस्कृति विभाग की ओर से "अमृतस्य मध्य प्रदेश – एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा" प्रस्तुत की जाएगी। इसमें भीमबेटका, सांची, खजुराहो, चित्रकूट, उज्जैन, महेश्वर, चंदेरी, ओंकारेश्वर और नर्मदा की सांस्कृतिक विरासत को नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में सिंहस्थ कुंभ-2028 का सांस्कृतिक आमंत्रण भी शामिल रहेगा।
8 अगस्त: संस्कृति मंत्रियों की बैठक और सांची भ्रमण
तीसरे दिन भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के लिए साझा घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप का भ्रमण करेगा। यहां बौद्ध विरासत, योग-ध्यान सत्र और 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग व लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा।
9 अगस्त: भीमबेटका का वैकल्पिक दौरा
इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है, जहां वे भारत की प्रागैतिहासिक शैल कला और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन करेंगे।
मेहमानों के लिए विशेष आयोजन
सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भोपाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए कई गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इनमें—
- हेरिटेज वॉक
- बर्ड वॉचिंग
- बड़ी झील में शिकारा राइड
- मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प की शॉपिंग
जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इससे प्रतिनिधियों को भोपाल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान से भी रूबरू कराया जाएगा।