July 24, 2026

भूख हड़ताल के बाद क्या खाएं? डाइटिशियन ने बताया

What to eat after a long hunger strike: NEET परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया है. ऐसे में एक बड़ा सवाल यह उठता है कि इतने लंबे समय तक भोजन न करने के बाद शरीर को सामान्य आहार कैसे दिया जाए. क्या अनशन खत्म होते ही सामान्य खाना खाना सुरक्षित होता है? लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कौन-कौन से बदलाव आते हैं और ऐसी स्थिति में किस तरह की डाइट, सावधानियां और मेडिकल निगरानी जरूरी होती है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हमने डाइटिशियन मोनिका दीक्षित से बातचीत की. उन्होंने इस पूरे विषय पर विस्तार से जानकारी दी है, जिसे हम इस लेख में आपके साथ साझा कर रहे हैं.

सबसे पहले डॉक्टर से कराएं बॉडी चेक-अप

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डाइटिशियन मोनिका दीक्षित कहती हैं, "अगर कोई व्यक्ति 10–15 दिन या उससे अधिक समय तक भूखा रहा है, तो सबसे पहले उसका पूरा बॉडी चेक-अप होना चाहिए. इसके बाद ही भोजन दोबारा शुरू किया जाना चाहिए. लंबे उपवास के बाद डॉक्टरों की निगरानी में खाना शुरू करना सबसे सुरक्षित माना जाता है."

लिक्विड डाइट से करें शुरुआत

Liquid Diet, AI Image
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वह बताती हैं, "लंबे समय तक भूखे रहने के बाद भोजन की शुरुआत हमेशा लिक्विड डाइट से करनी चाहिए. शुरुआत में ORS, नारियल पानी या अन्य साफ तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं. इसके बाद पतला सूप, दाल का पानी और चावल का मांड दिया जा सकता है."

इसके बाद सॉफ्ट डाइट दें

Soft Diet, AI Image
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उनके अनुसार, "लिक्विड डाइट के बाद धीरे-धीरे सॉफ्ट डाइट शुरू की जाती है. इसमें मूंग दाल की पतली खिचड़ी, दलिया और यदि व्यक्ति सहन कर सके तो दही दिया जा सकता है. शुरुआती दिनों में डाइट लो-कार्ब, लो-कैलोरी और लो-प्रोटीन रखी जाती है."

2–3 दिन बाद धीरे-धीरे बढ़ाएं भोजन

Healthy Diet, AI Image
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वह कहती हैं, "अगले 2–3 दिनों में भोजन की मात्रा और विविधता धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है. इसके बाद व्यक्ति को सामान्य संतुलित आहार पर लाया जाता है, जिसमें दाल, सब्जी, रोटी, चावल और यदि व्यक्ति खाता हो तो अंडा, पनीर या अन्य प्रोटीन शामिल किए जा सकते हैं."

शुरुआत में इन बातों का रखें ध्यान

डाइटिशियन के मुताबिक,

  • शुरुआत में तला-भुना, बहुत मसालेदार या बहुत मीठा भोजन नहीं देना चाहिए.
  • एक बार में ज्यादा खाना खिलाने के बजाय दिन में 5–6 छोटे-छोटे भोजन देना बेहतर होता है.
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है.

क्या होता है रीफीडिंग सिंड्रोम? (What is Refeeding Syndrome?)

इस बारे में मोनिका दीक्षित बताती हैं, "अगर कोई व्यक्ति 15 दिन से अधिक समय तक भूखा रहने के बाद अचानक भारी भोजन या ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट जैसे चावल, रोटी, मिठाई या ग्लूकोज लेना शुरू कर देता है, तो रीफीडिंग सिंड्रोम होने की संभावना बढ़ जाती है."

वह आगे कहती हैं, "रीफीडिंग सिंड्रोम एक गंभीर स्थिति है, जो लंबे समय तक भूखा रहने या बहुत कम खाने के बाद अचानक अधिक मात्रा में भोजन, विशेषकर कार्बोहाइड्रेट लेने पर हो सकती है. ऐसे मामलों में इलेक्ट्रोलाइट्स (फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम) तथा विटामिन B1 (थायमिन) की निगरानी भी की जाती है."

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