August 23, 2026

कार में Black Film लगवाई है? पहले जान लें ये नियम

हमारे देश में पिछले कुछ सालों में ट्रैफिक नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. जिसके चलते आप अगर किसी भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो आपका मोटा चालान काटा जा सकता है. लेकिन इन दिनों लोग अपनी कार को एक स्पोर्टी-लग्जरी लुक देने की चाहत में गाड़ियों के शीशों पर आफ्टरमार्केट काली फिल्म या सनकंट्रोल शीट चढ़वा लेते हैं. पहली नजर में यह गाड़ी के केबिन को ठंडा रखने का एक बेहद आसान और कारगर तरीका लगता है.

हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की नजर में यह एक गंभीर कानूनी अपराध है. अगर आपकी कार की खिड़कियों या आगे-पीछे के विंडशील्ड पर किसी भी तरह की काली पन्नी या सनस्क्रीन चिपकी हुई है तो किसी भी चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस आपको रोक सकती है. क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट और सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा गाड़ियों के शीशों की पारदर्शिता को लेकर बेहद सख्त नियम बनाए गए हैं. चलिए जानतें हैं इस अपराध पर आपका कितना चालान काटा जा सकता है.

क्या है नियम?

आपको बता दें कि, साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गाड़ियों के कांच पर किसी भी तरह की आफ्टरमार्केट फिल्म या ब्लैक पन्नी चिपकाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. मोटर वाहन अधिनियम और RTO के विजिबल लाइट ट्रांसमिशन नियमों के मुताबिक गाड़ी के आगे और पीछे के विंडशील्ड से कम से कम 70% रोशनी आर-पार दिखनी चाहिए.

जबकि इसका अलावा साइड वाली खिड़कियों के कांच से कम से कम 50% रोशनी का निकलना अनिवार्य है. बड़ी बात यह है कि यह 70% और 50% VLT की छूट केवल कार कंपनियों द्वारा दी गई फैक्ट्री-फिटेड टिनटेड ग्लास पर लागू होती है. यानी यदि आप 10% या 50% पारदर्शी वाली हल्की ट्रांसपेरेंट फिल्म भी बाहर से लगवाते हैं तो भी वह गैर-कानूनी ही माना जाएगा.


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क्यों है इतना सख्त बैन?

अब बात करते हैं कि, सरकार इस पर इतना सख्त क्यों है. ऐसा इस लिए है क्योंकि, काली फिल्मों और अत्यधिक काले शीशों पर पूर्ण बैन लगाने के पीछे सुरक्षा और अपराध नियंत्रण सबसे बड़ी वजह है. बहुत ज्यादा काले कांच होने की वजह से गाड़ी के भीतर बैठी सवारियों या अंदर हो रही गतिविधियों को बाहर से देख पाना नामुमकिन हो जाता है.

पहले ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां अपराधियों ने काली फिल्म लगी गाड़ियों का इस्तेमाल अवैध कामों, अपहरण और आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया था. इसके अलावा रात के वक्त या धुंध-बारिश के मौसम में काली फिल्म से चालक की देखने की क्षमता काफी घट जाती है. जिससे भयानक सड़क हादसे होने की आशंका बनी रहती है.

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

बता दें कि, अगर आप अपनी कार में काली फिल्म लगाकर सड़क पर निकलते पकड़े जाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस आपका चालान काटने के लिए पूरी तरह अधिकृत है. अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके लिए जुर्माना राशि तय की गई है. पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है.

लेकिन नुकसान सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहता है मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अफसर आपसे या मैकेनिक से आपकी गाड़ी के शीशों पर चढ़ी उस महंगी फिल्म को हाथों-हाथ उखड़वा कर फिंकवा भी देते हैं. यदि कोई चालक बार-बार यही गलती दोहराता है तो उसकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निलंबित किया जा सकता है या गाड़ी सीज हो सकती है.


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क्या मैग्नेटिक सनशेड्स है लीगल?

आपने सड़कों पर देखा होगा की लोग अक्सर काली फिल्म के चालान से बचने के लिए खिड़कियों पर मैग्नेटिक सनशेड्स, जालीदार पर्चे या ज़िप वाले सनकंट्रोल कटआउट लगा लेते हैं. लेकिन कानूनन यह भी पूरी तरह से जायज नहीं है. अगर चलती गाड़ी के दौरान ड्राइवर या साइड वाली खिड़की पर ऐसा पर्दा लगा है जो 50% विजिबिलिटी के नियम को तोड़ता है या रियर-व्यू मिरर देखने में रुकावट डालता है तो पुलिस इस पर भी चालान काट सकती है.

हालांकि, गाड़ी जब धूप में पार्क हो तब आप केबिन को गर्म होने से बचाने के लिए इन जालीदार सनशेड्स का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं. लेकिन गाड़ी चलाते वक्त इन्हें उतार कर रख देना ही कानूनी रूप से सुरक्षित रास्ता है.

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