July 27, 2026

BJP ने चीनी एजेंट कहा, कांग्रेस ने RSS का प्यादा; बीवी ने खोला वांगचुक का मोर्चा, कहा- सड़ गई है राजनीति

Jul 27, 2026 08:26 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को चीन का एजेंट से लेकर आरएसएस का प्यादा तक बताने के लिए उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भाजपा और कांग्रेस को एक साथ कोसा है। उन्होंने कहा कि राजनीति का व्याकरण बदलने की जरूरत है।

Sonam Wangchuk Gitanjali Angmo

महात्मा गांधी की समाधि पर नमन करते सोनव वांगचुक और गीतांजिल आंग्मो

जंतर-मंतर आंदोलन के चेहरा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को चीन का एजेंट से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्यादा तक बताने के लिए उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों को कोसा है। सोमवार की शाम एक सोशल मीडिया पोस्ट में गीतांजलि ने आंदोलन के दौरान बदलते घटनाक्रम में सोनम वांगचुक को आईटी सेल और ट्रोल्स के द्वारा बदनाम करने को पूरी राजनीतिक संस्कृति का सड़ जाना बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग करके लिखा है कि भारत को सबसे पहले राजनीति का व्याकरण बदलने की जरूरत है।

गीतांजलि ने ट्वीट में लिखा है- ‘जब सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया, तब बीजेपी के आईटी सेल ने हमें देशद्रोही, चीनी एजेंट, विदेश से फंडिंग लेने वाला और भी बहुत कुछ कहा, जो तमगे वो गढ़ सकते थे। आज कांग्रेस के ट्रोल्स हमें संघी, आरएसएस और बीजेपी का प्यादा बता रहे हैं क्योंकि हमने पीएम आवास पर कांग्रेस के प्रदर्शन को दिखावटी कहा। झंडे अलग हैं, लेकिन चाल एक जैसी है। हमारी पूरी राजनीतिक संस्कृति सड़ गई है। भारत में सिर्फ सरकार बदलने से ज्यादा कुछ नहीं होगा। यहां राजनीति का व्याकरण बदलने की जरूरत है, जिसमें असहमति पर संवाद हो, ना कि शैतान बताया जाए। जहां देशभक्ति का पैमाना ईमानदारी हो, ना कि पार्टी से जुड़ाव। जहां कबाइली एकता से ज्यादा सच का महत्व हो।’

गुरुग्राम के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख लौटने से पहले राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सोनम वांगचुक के साथ गीतांजलि आंग्मो भी थीं। गौर करने वाली बात यह रही कि सोनम और गीतांजलि के साथ राजघाट पर कॉकरोच जनता पार्टी का कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आया। सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से ही अनशन की शुरुआत की थी, जिसने आगे चलकर देशव्यापी छात्र आंदोलन को रूप ले लिया। 18 जुलाई की सुबह पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वो कोर्ट के आदेश पर फिर गुरुग्राम में भर्ती हुए।

वांगचुक की तीन मांगें मानने का आश्वासन सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह लेकर गए तो अनशन के 26वें दिन उन्होंने इसे तोड़ लिया। इसमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं था, जिस मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। बाद में धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया और आंदोलन खत्म हो गया।