July 20, 2026

'BJP से चुनाव लड़ना मेरी सबसे बड़ी गलती थी', भारत की पहली महिला IPS किरण बेदी का बयान मोदी-शाह को करेगा परेशान

Time Published: Monday, July 20, 2026, 14:28 [IST]

देश की पहली महिला IPS अफसर और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी के एक ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना उनकी जिंदगी की बड़ी भूल थी।

उनका यह बयान सिर्फ एक निजी अफसोस नहीं है, बल्कि भाजपा के हाई कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी के लिए भी विचार करने वाला सवाल है।

Kiran Bedi BJP Statement

'BJP से चुनाव लड़ने की गलती दोबारा नहीं करूंगी',किरण बेदी ने क्यों कहा ऐसा?

कानपुर में रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ग्रेटर के 31वें अधिष्ठापन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचीं डॉ. किरण बेदी ने साफ शब्दों में कहा,

"इंसान अपनी पुरानी भूलों से ही सबक सीखता है। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना एक ऐसी गलती थी जिसे मैं दोबारा कभी नहीं दोहराऊंगी। मुझे राजनीति के मैदान में उतरना ही नहीं चाहिए था।"

जब उनसे कॉकरोच जनता पार्टी या सोनम वांगचुक के आंदोलन पर राय मांगी गई, तो उन्होंने सीधे कहा कि वे इन विषयों को फॉलो नहीं करतीं, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं करेंगी।

बीजेपी नेतृत्व अक्सर रिटायर्ड नौकरशाहों और नामचीन हस्तियों को चुनावी राजनीति में लाकर बड़ा दांव खेलता है। लेकिन किरण बेदी जैसे कड़क और ईमानदार छवि वाले चेहरों का यह कहना कि राजनीति में आना उनकी भूल थी, पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकारों को इस पर गौर करना होगा कि आखिर सिस्टम को बदलने की नीयत से आए गैर-राजनीतिक चेहरे क्यों खुद को राजनीति के माहौल में ढाल नहीं पाते और फिर पार्टी से दूर चले जाते हैं। ठीक ऐसे ही हाल ही में पूर्व आईपीएस अन्नामलाई भी भाजपा छोड़कर चले गए हैं।

दिल्ली जिमखाना क्लब के फैसले पर भी नाराज हैं किरण बेदी

केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने के आदेश पर भी किरण बेदी ने खुलकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा,

"जब मैंने क्लब को बेदखल करने का फैसला सुना, तो ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझे मेरे अपने घर से बाहर निकाल दिया हो। 14 साल की उम्र में जब मैं अमृतसर से टेनिस खेलने दिल्ली आती थी, तब से इस क्लब से जुड़ी रही। 24 साल की उम्र में जब मैं बतौर ASP दिल्ली में तैनात हुई, तब यह क्लब मेरे अधिकार क्षेत्र में था।"

इंदिरा गांधी को याद कर किरण बेदी ने कही बड़ी बात

कानपुर के कार्यक्रम में उन्होंने अपने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कार्यकाल की एक चर्चित घटना भी याद की। उन्होंने बताया कि जब वे दिल्ली की ट्रैफिक डीसीपी थीं, तब एक दिन पीएम इंदिरा गांधी की कार नियमों की अनदेखी करती पाई गई। उनके सब-इंस्पेक्टर ने ड्राइवर को चेतावनी दी, लेकिन कार न हटने पर क्रेन बुलाकर प्रधानमंत्री की गाड़ी को हटवा दिया गया और बाकायदा चालान काटा गया। उनका कहना था कि नियमों का पालन हर हाल में होना चाहिए।

उम्र के इस पड़ाव पर भी देश सेवा के अपने संकल्प को दोहराते हुए किरण बेदी ने बताया कि उन्होंने अपने 77वें जन्मदिन पर 'भारत स्किल एक्सचेंज' नाम से एक नया स्टार्टअप शुरू किया है। इसका मकसद युवाओं के हुनर को निखारना है। इसके साथ ही उन्होंने कानपुर की बेहतर हुई हवाई कनेक्टिविटी और सुधरी हुई ट्रैफिक व्यवस्था की तारीफ भी की।