July 28, 2026

धर्मेंद्र प्रधान जब इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में आए तो BJP सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों: गौरव गोगई

Parliament Session: संसद के मॉनसून सत्र के सातवें दिन लोकसभा में परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगई ने संसद में बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान पर पहले निशाना साधा। उन्होंने कहा, धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी। जब वे इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में आए तो BJP सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों।

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गौरव गोगई ने आगे कहा, लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का विवरण पढ़कर पता चलता है कि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए गंभीर नहीं है। 2024 में भी सरकार ने इस बिल को ऐतिहासिक बताया था-लेकिन कुछ नहीं हुआ। ये कानून मोदी सरकार की विफलता का स्मारक है। NEET-UG 2024 पेपर लीक की तहकीकात में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उसमें से 44 लोगों को बेल मिल चुकी है-ये शर्मनाक है।

उन्होंने आगे कहा, जब 2024 में पेपर लीक हुआ था, तब भी धर्मेंद्र प्रधान सच्चाई मानने को तैयार नहीं थे और 2026 में भी उनका यही रवैया था। शर्म आनी चाहिए कि जिस मंत्री के रहते 21 बच्चों ने जान दे दी, मोदी सरकार उनका सम्मान करती है। परीक्षा में सुधार और पेपर लीक माफिया के खिलाफ कदम उठाने के बदले प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर ध्यान देने को कहते हैं। RSS ने देश के शिक्षा संस्थानों पर कब्जा कर लिया है।

गौरव गोगई ने आगे कहा, युवा अपने अधिकारों के लिए दिल्ली में जुटे थे। आंदोलन में किसी को लाठी पड़ी, किसी का सिर फूट गया, लेकिन वे डिगे नहीं। इस आंदोलन में अगर हमने इंसानियत देखी तो दूसरी तरफ युवाओं पर बेरहमी से किए गए लाठीचार्ज को भी देखा। हम ये नहीं भूल सकते कि एक पुलिसवाले ने लड़की को थप्पड़ जड़ा, एक लड़की के प्राइवेट पार्ट में डंडा मारा। युवाओं पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया। हमें जवाब दिया जाए कि किसने लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले छोड़ने का आदेश दिया? सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को इसपर जवाब देना होगा।

एनटीए में 37 पद स्वीकृत लेकिन 47 लोगों पर कार्रवाई कैसे?

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गौरव गोगई ने दावा किया कि, सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह इस मुद्दे पर गंभीर है। गोगोई ने कहा कि सरकार ने एनटीए के 47 लोगों को बदले जाने की बात कही है, लेकिन वह जानना चाहते हैं कि ये 47 लोग कौन हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए में स्वीकृत पदों की संख्या 34 है और इनमें भी 10 से 12 पद खाली हैं, ऐसे में 47 अधिकारियों पर कार्रवाई का दावा कैसे किया जा रहा है।