September 9, 2026

जॉब फेयर से दिल्ली भेजी गई पीड़िता ने बयान बदला: अब बोली- मुझसे काम ज्यादा ले रहे थे, रहने की सही जगह तक नहीं दी, BJP ने जारी किया वीडियो - Bihar News

पटना जॉब फेयर वाली पीड़िता ने दैनिक भास्कर डिजिटल के 9 सितंबर की सुबह खबर पब्लिश करने के 14 घंटे बाद यानी 9 सितंबर की शाम को 8 बजे अपना बयान बदल दिया है। लड़की ने लेटर के माध्यम से नया बयान जारी किया है। वहीं, बीजेपी ने लड़की का नया वीडियो बयान भी जा

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खबर के 14 घंटे बाद लड़की ने लेटर लिखकर नया बयान जारी किया...

महाशय,

दैनिक भास्कर के डिजिटल मीडिया में मेरे संबंध में एक समाचार प्रकाशित किया गया है। जिसमें मेरे द्वारा कही गई बातों को सही क्रम में प्रस्तुत न करते हुए तोड़ मरोड़कर भ्रामक एवं गलत अर्थ में प्रकाशित किया गया है।

मेरा कहना था कि मैंने सिर्फ इसी बात की शिकायत कि थी कि उनके द्वारा निर्धारित समय से अधिक कार्य कराया जा रहा था तथा रहने कि समुचित एवं संतोषजनक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई थी। किसी भी प्रकार के यौन शोषण अथवा यौन उत्पीड़न के संबंध में कोई ऐसा कथन नहीं दिया गया था जैसा कि समाचार में प्रकाशित किया गया है। पत्रकार ने मेरी वास्तविक कथन एवं मूल आशय को समझे बिना उसका सही संदर्भ प्रस्तुत किए बिना उसे इस प्रकार से प्रकाशित किया गया, जिससे आम लोगों के बीच एक गंभीर एवं आपत्तिजनक धारणा उत्पन्न हो सकती है। इससे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा मान सम्मान एवं व्यक्तिगत छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। अतः एक बार पुन: मैं दोहराना चाहती हूं कि जिस तरीके से मीडिया में दिखाया गया। वो वास्तविकता से बिल्कुल परे है। अतः इस संबंध में जल्द से जल्द खंडन/सुधार प्रकाशित करें। साथ ही इस संबंध में प्रकाशित खबर तुरंत हटाया जाए।

बिहार BJP ने लड़की का नया वीडियो जारी किया, जिसमें वह कहती है…

जॉब मेला में हमने रजिस्ट्रेशन कराया था। वहां हम जॉब के लिए गए थे। एक मैम मिली थी। उसने पूछा कि क्या किया है? मैंने बताया कि नर्सिंग स्टाफ हूं। उन्होंने मुझे ICU नर्सिंग स्टाफ के लिए हायर किया था। वहां से लेटर भी मिला था।

हमलोग वहां गए थे। 8 घंटे मरीज के साथ रहने के लिए कहा गया था। हमलोग को वहां पसंद नहीं आया तो चले आए। आने के बाद सोचे कि सीएम आवास जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इसी दौरान एक पत्रकार आई। मैं अपने परिवार से बात कर रही थी। उन्होंने पीछे से वीडियो रिकॉर्डिंग की। बहुत गलत तरीके से मेरे शब्द का इस्तेमाल किया।

वीडियो कॉलिंग के लिए जो हम बोले थे, वहां मरीज से बात होती थी। पेशेंट के अटेंडेंट से भी बात होती है। पेशेंट के घर भेजते हैं। पेशेंट के पास रहना है, केयरटेकर की तरह उनका केयर करना है। दवाएं वगैरह देनी है। न्यूजवाले गलत तरीके से इसको यूज किए हैं। हमने ऐसा बिल्कुल नहीं बोला था।

बीजेपी ने नया वीडियो जारी किया है, जिसमें लड़की अपनी पुरानी बातों का खंडन कर रही है।

बीजेपी ने नया वीडियो जारी किया है, जिसमें लड़की अपनी पुरानी बातों का खंडन कर रही है।

हालांकि, इससे पहले भास्कर से वीडियो पर बातचीत में पीड़िता ने यह आरोप लगाए थे। उसकी पुरानी बातों को भी सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए…

मैंने GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री) की पढ़ाई की है। पटना में 15 हजार रुपए महीने पर नौकरी कर रही थी। इस पैसे से मेरा घर चलता था। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति बेरोजगार हैं।

बड़ी उम्मीद लेकर ज्ञान भवन में 23 अगस्त को आयोजित रोजगार मेला में गई थी। मुझे हेकम कंपनी ने हायर किया। 48 हजार रुपए महीने वेतन वाली जॉब ऑफर की। इतना बड़ा पैकेज पाकर मैं बहुत खुश थी। मैंने पहले की नौकरी से रिजाइन दे दिया।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों से मेरी लगातार बात हो रही थी। मुझे 2 सितंबर को दिल्ली बुलाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद मुझे हेकम के जगह शिवम नाम की कंपनी में ले जाया गया। मुझे गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर लड़कों के बीच रखा गया। वे लोग खाना भी समय पर नहीं दे रहे थे।

यहां वीडियो कॉलिंग करके दिखाया जाता था। वे लोग जिस लड़की को पसंद करते उसे 24 घंटे के लिए भेज दिया जाता था। मेरे साथ भी बात कराई गई।

मैं उनलोगों से लगातार यह कहती रही कि किसी हॉस्पिटल में काम दे दीजिए। जिस काम के लिए मुझे जॉब मिली थी, सैलरी तय हुई थी। मुझे नर्स की नौकरी करनी है, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। वहां मेरी जैसी कई लड़कियां फंसी हुई हैं।

मुझे 4 दिनों तक रूम में ही बैठाकर रखा गया। दिन भर काम करने के बाद 3 बजे थोड़ा सा चावल खाने के लिए देते थे। मैंने कई बार बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन निकलने नहीं दिया गया।

सरकार ने किया खंडन, और जांच के आदेश भी दिए

दैनिक भास्कर की खबर के पब्लिश होने के 5 घंटे बाद बिहार सरकार ने खबर का खंडन किया और अपनी सफाई पेश की। सरकार ने लेटर जारी कर कहा कि आरोप भ्रामक और तथ्यहिन हैं। कंपनी की जांच की जा रही है।

सरकार ने पत्र जारी कर कहा, 'युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए, इस खबर की पड़ताल की। विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई। इस दौरान अभ्यर्थी से संपर्क किया गया। उन्होंने अपने पति के साथ उपस्थित होकर बयान दिया,

'मेरे बातों को तोड़-मरोड़कर एवं गलत अर्थों में छापा गया है जो वास्तविक सच्चाई से अलग है। मुझे जिस कंपनी में काम मिला था, उसके द्वारा तय समय से अधिक काम कराये जाने एवं रहने की समुचित व्यवस्था अच्छा नहीं होने के कारण शिकायत थी, न कि मेरे द्वारा किसी भी प्रकार के यौन शोषण के बारे में कहा गया था।'

आरोपी कंपनी के मालिक ने दी सफाई, जानिए क्या कहा

दैनिक भास्कर ने हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से पूजा के आरोपों पर बात की। कंपनी के एमडी सूरज कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है। सूरज का दावा है कि वह सर्विस प्रोवाइडर कंपनी हैं, इसलिए ऑफर लेटर की जगह डेप्यूटेशन लेटर दिया गया था। पूजा को होम केयर में लगाया गया था, जहां मरीजों के घर पर जाकर उनकी देखभाल करनी होती है।

पूजा को फोर्टिस हॉस्पिटल में भी काम दिया गया था। वहां उसने एक दिन काम किया था। होम केयर में जहां भी भेजना होता था वहां उन्हें पेशेंट को और उनके अटेंडेंट्स से वीडियो कॉल पर बात कराई जाती थी। कंपनी के पास सारा डिटेल है, जिसमें किन किन व्यक्तियों से वीडियो पर कॉल पर बात कराई गई है। सूरज का कहना है कि सरकार के साथ आरोप लगाने वाली लड़की से भी बात हुई है, अपनी तरफ से उन्होंने डिटेल दे दी है।

दरअसल, पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक मेगा जॉब फेयर आयोजित किया गया था। इसमें 20,226 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने का दावा किया गया। पूजा कुमारी इनमें शामिल थी। उसे CM सम्राट चौधरी ने 23 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिया था।