September 12, 2026

Bihar Teacher Transfer : बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर अब तय! पहले म्यूचुअल-सरप्लस, फिर 3 लाख शिक्षकों को मिलेगा ऐच्छिक तबादले का मौका

Bihar Teacher Transfer : बिहार में सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के तबादले के बाद अब ऐच्छिक ट्रांसफर की बारी है। शिक्षा विभाग की तय टाइमलाइन के मुताबिक करीब 3 लाख शिक्षक 17 सितंबर से अपने पसंद के स्कूल में तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया 23 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद शिक्षकों को उपलब्ध रिक्तियों और विभागीय नियमों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक ऐच्छिक ट्रांसफर की अंतिम सूची जारी कर दी जाए। माना जा रहा है कि छठ पर्व की छुट्टियों के बाद शिक्षक अपने नए स्कूल में योगदान कर सकेंगे।

तीन चरणों में पूरी हो रही है शिक्षक ट्रांसफर प्रक्रिया

बिहार में सरकारी शिक्षकों के तबादले की पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में म्यूचुअल ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके बाद सरप्लस शिक्षकों का समायोजन होगा। इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तीसरे चरण में ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए जाएंगे। 5 अगस्त तक म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से करीब 40 हजार शिक्षकों का ट्रांसफर किया जा चुका है। बाकी आवेदनों पर भी निर्धारित समय के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

17 सितंबर से खुलेगा ऐच्छिक ट्रांसफर का पोर्टल

म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 सितंबर से ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन शुरू होंगे। शिक्षक 23 सितंबर तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस चरण में करीब 3 लाख शिक्षकों के आवेदन करने की संभावना है। खास बात यह है कि जिन शिक्षकों का म्यूचुअल ट्रांसफर नहीं हो पाया है, वे भी ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वर्ष 2025 में ट्रांसफर पा चुके शिक्षकों को भी ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा।

ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी की चुनौती

ऐच्छिक ट्रांसफर की प्रक्रिया में शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण स्कूलों को लेकर है। बड़ी संख्या में शिक्षक शहरी या अपने पसंदीदा क्षेत्र के स्कूलों में पोस्टिंग चाहते हैं। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में शिक्षक ग्रामीण स्कूलों से हटते हैं तो वहां शिक्षकों की कमी बढ़ सकती है।

विभाग को आशंका है कि ऐच्छिक ट्रांसफर के बाद राज्य के 5 हजार से अधिक ग्रामीण स्कूल शिक्षकविहीन हो सकते हैं। इसी वजह से स्कूल आवंटन से पहले पोस्टिंग के नियमों और उपलब्ध रिक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।विभाग की कोशिश है कि शिक्षकों को उनकी पसंद के अनुसार स्कूल आवंटित करने के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो।

पहले रिक्त पदों का डाटा होगा लॉक

ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए स्कूल आवंटित करने से पहले म्यूचुअल और सरप्लस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सॉफ्टवेयर में स्कूलों के वास्तविक रिक्त पदों का डाटा लॉक किया जाएगा। इसी रिक्ति के आधार पर ऐच्छिक ट्रांसफर में शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। डाटा लॉक होने के बाद दोबारा म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। विभाग इसी व्यवस्था के जरिए उपलब्ध पदों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना चाहता है।

प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी जरूरी

ट्रांसफर प्रक्रिया के साथ शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच भी जारी है। शैक्षणिक प्रमाण पत्र के अलावा जाति, कैटेगरी और दिव्यांगता से जुड़े प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी शिक्षक के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाते हैं तो उनका ट्रांसफर सत्यापन पूरा होने तक रोका जा सकता है। यानी केवल ऑनलाइन आवेदन करने से ट्रांसफर सुनिश्चित नहीं होगा। दस्तावेजों का सत्यापन भी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगा।

31 अक्टूबर तक जारी होगी अंतिम ट्रांसफर सूची

शिक्षा विभाग ने शिक्षक ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया के लिए टाइमलाइन तय कर दी है। इसके अनुसार 10 से 14 सितंबर तक म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया, जबकि 16 सितंबर को रिक्त पदों का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 17 से 23 सितंबर तक शिक्षक ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच अंतिम ट्रांसफर सूची जारी की जाएगी।

बिहार शिक्षक ट्रांसफर की पूरी टाइमलाइन

  • 10-14 सितंबर: म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया

  • 16 सितंबर: रिक्त पदों का प्रकाशन

  • 17-23 सितंबर: ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन

  • 24 सितंबर-31 अक्टूबर: अंतिम ट्रांसफर सूची का प्रकाशन

छठ के बाद नए स्कूल में योगदान की तैयारी

शिक्षा विभाग की कोशिश है कि अक्टूबर के अंत तक पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। इससे शिक्षकों को छठ पर्व की छुट्टियों के बाद नए स्कूल में योगदान करने का अवसर मिल सकता है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी कहा है कि म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन शुरू होगा। उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक अंतिम ट्रांसफर सूची प्रकाशित करना है।

ऐसे में बिहार के करीब 3 लाख सरकारी शिक्षकों की नजर अब 17 सितंबर पर है। ऐच्छिक ट्रांसफर का पोर्टल खुलने के साथ ही शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अंतिम पोस्टिंग उपलब्ध रिक्तियों, विभागीय नियमों और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर ही तय होगी।