August 7, 2026

Bihar News : RJD में सफाई अभियान शुरू! लुंज-पुंज संगठन नहीं चलेगा, पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को हटाया जाएगा'—भाई वीरेंद्र का ऐलान

Bihar News : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संगठन में बड़े बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। पार्टी के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सभी संगठनात्मक कमेटियों को भंग किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इस फैसले पर अब राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पार्टी के भविष्य के लिए जरूरी कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला संगठन को पहले से अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद नेतृत्व चाहता है कि संगठन को नए सिरे से खड़ा किया जाए और ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाए जो पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पार्टी को आगे बढ़ा सकें। इस बार लुंज -पुंज संगठन नहीं बनेगा। इस बार वैसे लोग को नहीं रखना है जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है, वैसे लोग को बाहर करेंगे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव ने जो निर्णय लिया है, वह संगठन के हित में है और आने वाले समय में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि उसे पहले से ज्यादा प्रभावी और मजबूत बनाना है। इसी सोच के तहत सभी कमेटियों को भंग किया गया है ताकि नई टीम तैयार की जा सके। उनका दावा था कि मजबूत संगठन के दम पर राजद आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और सरकार बनाने में सफल होगी।

"तेजस्वी लगातार जनता और नेताओं से मिल रहे"

भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव इन दिनों लगातार पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। वे लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और संगठन को लेकर भी लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार तेजस्वी यादव व्यक्तिगत स्तर पर भी कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं और पार्टी को नई ऊर्जा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के आवास पर रोजाना बड़ी संख्या में नेता और आम लोग पहुंच रहे हैं। पार्टी नेतृत्व संगठन के साथ-साथ जनता की समस्याओं पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।

"जो पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा, उसे जगह नहीं मिलेगी"

राजद विधायक ने साफ कहा कि संगठन में अब केवल उन्हीं लोगों को जिम्मेदारी मिलेगी जो पार्टी के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जिन लोगों की गतिविधियों से पार्टी को नुकसान पहुंचता है, उन्हें संगठन में जगह नहीं दी जाएगी।भाई वीरेंद्र ने कहा कि संगठन का गठन पूरी राय-मशविरा और विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। योग्य, ईमानदार और मेहनती कार्यकर्ताओं को ही नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी ताकि पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जा सके।

"मुझे पद मिले या नहीं, मैं पार्टी के साथ हूं"

अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें कोई पद मिले या न मिले, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि वह हमेशा पार्टी के लिए काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा पार्टी के लिए संघर्ष किया है। आगे संगठन में क्या होगा, कौन किस पद पर होगा, यह नेतृत्व तय करेगा। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अच्छे लोगों को जिम्मेदारी मिलेगी और संगठन पहले से ज्यादा मजबूत होगा।"

बीजेपी और नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना

भाई वीरेंद्र ने इस दौरान भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के हटने का असर भाजपा पर पड़ा और इसी वजह से बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा को मजबूत करने का सबसे बड़ा श्रेय यदि किसी को जाता है तो वह नीतीश कुमार हैं। उनके मुताबिक भाजपा के इतिहास में यह दर्ज रहेगा कि बिहार में पार्टी के विस्तार में नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका रही।

हालांकि इसके साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार के शासनकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया और अफसरशाही का बोलबाला रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह अधिकारियों के नियंत्रण में चली गई थी, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लालू प्रसाद के शासन की तारीफ

भाई वीरेंद्र ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस समय सभी जाति और धर्म के लोगों के काम बिना किसी भेदभाव के होते थे। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होती थी।उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती थी तो लोग सिर्फ इतना कहते थे कि वे लालू प्रसाद यादव तक शिकायत पहुंचाएंगे। उनके अनुसार इस डर से अधिकारी बिना रिश्वत लिए ही लोगों का काम कर देते थे।

संगठन पर टिकी आगे की नजर

राजद की सभी कमेटियां भंग होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई टीम में किन नेताओं को जगह मिलेगी और किन चेहरों पर नेतृत्व भरोसा जताएगा। पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल तेज है। ऐसे में भाई वीरेंद्र का यह बयान साफ संकेत देता है कि राजद नेतृत्व संगठन में व्यापक बदलाव के जरिए आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट