मुजफ्फरपुर: बेलसंड (सीतामढ़ी) के विधायक अमित कुमार रानू की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद और कथित धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में विधायक और उनके करीबियों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके साथ ही विधायक से जुड़े मामलों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इनमें 10 मामलों में विधायक को नामजद आरोपी बनाया गया है।
वहीं, अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां उदनडीह गांव में चहारदीवारी और अर्धनिर्मित मकानों को तोड़े जाने से जुड़े आठ पुराने मामलों को अब विशेष MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है। शनिवार को इस मामले में तीन पीड़ितों के बयान भी अदालत में दर्ज किए गए।
15 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप
अहियापुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर सलेम गांव में करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े मामले में विधायक अमित रानू समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में विधायक के भाई अभिनव कुमार और मुशहरी के तत्कालीन/संबंधित सीओ महेंद्र शुक्ला समेत अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है।
शिकायत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सेवानिवृत्त अवर सचिव विजय कुमार की ओर से की गई है। आरोप है कि उनके दादा योगेंद्र शाही के नाम दर्ज खतियानी जमीन को फर्जी दस्तावेज और कथित फर्जी केवाला के जरिए अपने नाम कराने का प्रयास किया गया। इसके बाद जमीन का दाखिल-खारिज कराने की कोशिश भी किए जाने का आरोप है।
बताया गया है कि मामले की जांच जिला प्रशासन के स्तर पर भी की गई थी। डीएम और एडीएम की जांच में कथित दस्तावेजी गड़बड़ी सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई हुई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस मामले में आरोपों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
31 लाख रुपये बकाया रखने का भी आरोप
दूसरा मामला ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से सामने आया है। कृष्णाटोली निवासी आशा देवी ने विधायक अमित रानू समेत पांच लोगों के खिलाफ 31 लाख रुपये की राशि नहीं देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2022 में सात डिसमिल जमीन का सौदा करीब 35 लाख रुपये में तय हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रजिस्ट्री के समय केवल चार लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बाकी 31 लाख रुपये अब तक नहीं दिए गए। इस मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह, कार्तिक कुमार, राहुल कुमार और उज्ज्वल कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
8 पुराने मामले पहुंचे विशेष MP-MLA कोर्ट
अहियापुर के झपहां उदनडीह गांव में चहारदीवारी और अर्धनिर्मित मकानों को तोड़े जाने की घटनाओं को लेकर दर्ज मामलों में भी अब न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। इस घटना से जुड़े कुल 27 मामलों में से 10 मामलों में विधायक अमित रानू नामजद हैं।इनमें से आठ मामले अब तक मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में लंबित थे। अब इन सभी मामलों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम (पूर्वी) पंकज कुमार तिवारी की विशेष MP-MLA अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। शनिवार को अदालत में तीन पीड़ितों अमित कुमार, हरेंद्र कुमार यादव और पैक्स अध्यक्ष राजा कुमार के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने इन बयानों को सीलबंद रखा है।
पुलिस की कार्रवाई भी तेज
विधायक और उनके करीबियों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई भी तेज होती दिखाई दे रही है। पुलिस ने अब तक कई स्थानों पर छापेमारी की है। विधायक के सीतामढ़ी स्थित बेलसंड कार्यालय से हथियार के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी की बात भी सामने आई है।
इसके अलावा अहियापुर के अयाची ग्राम से पुलिस ने एक कथित शराब कारोबारी को 273 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। इन मामलों में पुलिस अब तक करीब आधा दर्जन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक, विधायक, उनके रिश्तेदारों और करीबियों से जुड़े करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। वहीं, मामले से जुड़े तीन प्रमुख गवाहों के बयान भी अदालत में दर्ज कराए गए हैं।
जमीन विवाद से जुड़े मामलों पर नजर
मुजफ्फरपुर में विधायक अमित रानू से जुड़े मामलों में जमीन धोखाधड़ी, कथित फर्जी दस्तावेज, जबरन कब्जा और तोड़फोड़ जैसे आरोप सामने आए हैं। लगातार नई प्राथमिकी दर्ज होने और पुराने मामलों के विशेष MP-MLA कोर्ट में जाने से इन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल पुलिस अलग-अलग मामलों में आरोपों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। वहीं, अदालत में चल रही सुनवाई के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। विधायक या उनके पक्ष की ओर से इन नए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।