September 6, 2026

Bihar Flood 2026 : पटना पर मंडराया बाढ़ का खतरा! गांधी घाट पर नया HFL छूकर अब नीचे उतरने लगी गंगा

पटना: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। राजधानी पटना में गांधी घाट पर गंगा ने एक बार फिर नया उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) छू लिया है। 6 सितंबर की सुबह गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया, जो मौजूदा नए HFL के बराबर है। हालांकि इसके बाद नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

गांधी घाट पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, 5 सितंबर की सुबह 6 बजे जलस्तर 50.43 मीटर था। शाम 6 बजे तक यह बढ़कर 50.57 मीटर पहुंच गया। इसके बाद रात 12 बजे जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया। 6 सितंबर की रात 2 बजे और सुबह 4 बजे भी जलस्तर 50.58 मीटर पर स्थिर रहा।

इसके बाद सुबह 5 बजे से गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह 5 बजे जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। 7 बजे यह घटकर 50.56 मीटर, 9 बजे 50.55 मीटर और 11 बजे 50.54 मीटर पर आ गया। दोपहर 12 बजे भी जलस्तर 50.54 मीटर रहा, जबकि दोपहर 1 बजे यह और घटकर 50.53 मीटर दर्ज किया गया।

नए HFL के बराबर पहुंची गंगा

गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर का नया HFL 50.58 मीटर निर्धारित किया गया है, जबकि पिछला HFL 50.52 मीटर था। यानी मौजूदा जलस्तर ने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को भी पार कर लिया है।जलस्तर के आंकड़ों पर नजर डालें तो 5 सितंबर की सुबह से अगले दिन दोपहर तक गंगा में तेजी से बढ़ोतरी हुई। महज कुछ घंटों के अंतराल में जलस्तर 50.43 मीटर से बढ़कर 50.58 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद नदी कुछ समय के लिए 50.58 मीटर पर स्थिर रही और फिर धीरे-धीरे नीचे आने लगी।

लगातार गिर रहा है जलस्तर, लेकिन राहत अभी दूर

6 सितंबर की सुबह से दोपहर तक जलस्तर में करीब 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। 50.58 मीटर से घटकर यह 50.53 मीटर पर पहुंच गया है। यह गिरावट राहत की खबर जरूर है, लेकिन जलस्तर अभी भी नए HFL के बेहद करीब है। गंगा के जलस्तर में मामूली उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

पटना के निचले इलाकों पर नजर

गंगा का पानी बढ़ने के साथ पटना के नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ जाती है। घाटों, निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर में कुछ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी भी परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में नदी के आसपास जाने, पानी के तेज बहाव वाले हिस्सों में उतरने और अनावश्यक रूप से घाटों पर जाने से बचना जरूरी है।

खास बात यह है कि गांधी घाट पर जलस्तर अब गिरावट की ओर है, लेकिन यह गिरावट फिलहाल बेहद धीमी है। इसलिए इसे तत्काल बड़ी राहत मानना जल्दबाजी होगी। अगले कुछ घंटों में जलस्तर किस दिशा में जाता है, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।

50.58 मीटर तक पहुंचने के बाद क्या?

गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंचने के बाद अब 50.53 मीटर पर आ गया है। अगर गिरावट का सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले घंटों में पटना के लिए राहत की स्थिति बन सकती है। वहीं, अगर नदी का जलस्तर फिर बढ़ता है तो निचले इलाकों में खतरा दोबारा बढ़ सकता है।

ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। नदी के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर के नए HFL से नीचे आ चुका है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान के बेहद करीब है। फिलहाल गांधी घाट के आंकड़े यही संकेत दे रहे हैं—गंगा ने नया HFL छुआ जरूर है, लेकिन अब धीरे-धीरे पीछे हटने लगी है। आने वाले कुछ घंटे पटना के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।