Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन बेहद अहम रहने वाला है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जहां विभिन्न विभागों से जुड़े तारांकित और अल्पसूचित प्रश्नों का सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा। इसके बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर चर्चा होगी। पहले सत्र की कार्यवाही भोजनावकाश तक चलेगी, जबकि दोपहर बाद सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर पेश करेगी।
आज के सत्र पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। एक ओर सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों का जवाब देने के साथ-साथ नए विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन में हंगामा कर सकता है। हाल के दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसके असर की झलक बिहार विधानसभा में भी देखने को मिल सकती है।
प्रश्नकाल में इन विभागों पर होगी सरकार की परीक्षा
प्रश्नकाल के दौरान आज कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े सवाल सदन में उठेंगे। इनमें ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग शामिल हैं।
विपक्ष के विधायक इन विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों, बजट खर्च, अधूरी परियोजनाओं, सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, पंचायतों के विकास कार्य, भवन निर्माण परियोजनाओं और प्रवासी श्रमिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकते हैं। ऐसे में संबंधित विभागों के मंत्रियों को विस्तृत जवाब देना होगा।
कार्यस्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण पर होगी चर्चा
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके जरिए विपक्ष जनहित के विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। इसके बाद ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर चर्चा होगी, जिसमें राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सरकार का पक्ष सामने आएगा। सदन के पहले सत्र की कार्यवाही भोजनावकाश तक चलेगी और उसके बाद दोपहर में फिर से सदन की बैठक शुरू होगी।
भोजनावकाश के बाद सरकार पेश करेगी कई महत्वपूर्ण विधेयक
भोजनावकाश के बाद होने वाली कार्यवाही में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इन विधेयकों पर चर्चा होने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर इन्हें पारित कराने की भी कोशिश की जाएगी। हालांकि किन-किन विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया है, इस पर अंतिम निर्णय सदन की कार्यसूची के अनुसार होगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि विकास, प्रशासनिक सुधार और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को सदन की मंजूरी दिलाई जाए। वहीं विपक्ष इन विधेयकों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भी रख सकता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के मुद्दे पर विपक्ष बना सकता है रणनीति
आज के सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के आक्रामक रुख अपनाने की संभावना जताई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है। ऐसे में बिहार विधानसभा में भी विपक्ष इस मुद्दे को उठाकर सरकार और एनडीए को घेरने की कोशिश कर सकता है।
यदि विपक्ष इस मुद्दे पर नारेबाजी या वेल में पहुंचकर विरोध करता है, तो सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हो सकती है। हालांकि सत्ता पक्ष की कोशिश होगी कि कार्यसूची के अनुसार सदन का संचालन सुचारू रूप से किया जाए।
पूरे दिन की कार्यवाही पर रहेगी नजर
कुल मिलाकर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर प्रश्नकाल में सरकार की जवाबदेही की परीक्षा होगी, वहीं दूसरी ओर कई अहम विधेयकों पर चर्चा और संभावित पारित होने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। विपक्ष के संभावित हंगामे के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन की कार्यवाही कितनी सुचारू रूप से चल पाती है और सरकार अपने विधायी एजेंडे को किस हद तक आगे बढ़ाने में सफल रहती है।
13 विधेयक सदन से पास कराए जाएंगे
- बिहार नगर विकास विधेयक 2026
- बिहार निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026
- बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक 2026
- बिहार पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026
- बिहार दुकान और प्रतिष्ठा विधेयक 2026
- भारतीय स्टांप बिहार संशोधन विधेयक 2026
- निबंधन बिहार संशोधन विधेयक 2026
- बिहार इस ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026
- बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक 2026
- बिहार अपराध नियंत्रण संशोधन विधेयक 2026
- डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2026
- बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026
- शहीद जुब्बा सहनी वास्तु कला एवं सैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक 2026