October 17, 2026

BHU-IIT कानपुर की राष्ट्रीय वर्कशॉप, हायर एजुकेशन में AI पर होगी चर्चा

BHU-IIT कानपुर की राष्ट्रीय वर्कशॉप, हायर एजुकेशन में AI पर होगी चर्चा

हायर एजुकेशन में AI पर होगी चर्चा

हायर एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को समझने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), IIT कानपुर और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर मिलकर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेंगे. यह कार्यक्रम 24 अक्टूबर 2026 को IIT कानपुर में होगा. इसमें टीचर्स, रिसर्चर्स, विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को AI के उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा. कार्यशाला में पढ़ाई के तरीकों, परीक्षा मूल्यांकन, कक्षा में तकनीक के इस्तेमाल और AI से जुड़े नैतिक सवालों पर विचार किया जाएगा. इसका उद्देश्य शिक्षा में तकनीक के साथ मानवीय भूमिका को भी बनाए रखना है.

IIT कानपुर में होगा वर्कशॉप आयोजन

इस राष्ट्रीय कार्यशाला का विषय उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता रखा गया है. इसका आयोजन IIT कानपुर के शैक्षिक अनुसंधान एवं शिक्षण उत्कृष्टता केंद्र (CERTEX) की ओर से अन्य संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यक्रम IIT कानपुर के L17 लेक्चर हॉल परिसर में ऑफलाइन आयोजित होगा. इसमें उच्च शिक्षा में AI के फायदे, सीमाओं और व्यावहारिक इस्तेमाल पर चर्चा की जाएगी. इसका मकसद यह समझना है कि तकनीक की मदद से पढ़ाई को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है और शिक्षा में शिक्षकों की भूमिका को किस तरह मजबूत रखा जा सकता है.

पढ़ाई और परीक्षा मूल्यांकन में AI की भूमिका पर चर्चा

वर्कशॉप में यह समझने पर जोर दिया जाएगा कि AI टूल्स से टीचिंग और सीखने की प्रक्रिया को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है. इसके अलावा, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में AI के नए इस्तेमाल और कक्षाओं में होने वाले बदलावों पर भी विचार होगा. एक अहम विषय असाइनमेंट और परीक्षा मूल्यांकन के तरीकों में बदलाव होगा. AI के दौर में विद्यार्थियों की वास्तविक समझ और उनकी क्षमताओं का आकलन कैसे किया जाए, इस पर चर्चा की जाएगी. साथ ही, शिक्षा में AI के जिम्मेदारीपूर्ण और नैतिक इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को भी समझा जाएगा.

AI के साथ मानवीय मार्गदर्शन भी जरूरी

वर्कशॉप में इस सवाल पर भी विचार किया जाएगा कि शिक्षा में AI का प्रभाव वास्तव में कितना व्यापक है. इसके साथ ही, पढ़ाई के दौरान शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद और मानवीय मार्गदर्शन की जरूरत पर चर्चा होगी. उद्देश्य तकनीक का उपयोग करते हुए शिक्षा की क्लालिटी बनाए रखना है.

कौन ले सकता है भाग?

इस वर्कशॉप में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक, फैकल्टी मेंबर्स, शोधकर्ता, ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन, शोधार्थी तथा शिक्षा प्रशासक भाग ले सकते हैं. इसके अलावा, नीति निर्माता और शिक्षा प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के प्रोफेशनल भी इसमें शामिल हो सकते हैं.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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