September 1, 2026

Bhopal News: फर्जी IAS तृप्ति का नया VIDEO, विधानसभा परिसर में सहेलियों संग ब्लॉगिंग, खुद को बताया प्रोबेशनर - Haribhoomi

फर्जी IAS बनकर ठगी के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत का नया वीडियो सामने आया है। इसमें वह दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर ब्लॉगिंग करती और खुद को प्रोबेशनर बताती दिख रही है। पुलिस वीडियो के जरिए यह जांच कर रही है कि क्या सरकारी अधिकारी जैसी छवि बनाने के लिए ऐसी गतिविधियां जानबूझकर की जाती थीं।

Fake IAS Tripti Singh

विधानसभा परिसर में सहेलियों संग ब्लॉगिंग

  • Published: 01 Sep 2026, 12:53 PM IST
  • Last Updated: 01 Sep 2026, 12:53 PM IST

भोपाल: चंदेरी में फर्जी IAS बनकर लोगों से ठगी के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। वीडियो में तृप्ति दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर ब्लॉगिंग करती नजर आ रही है। बातचीत में वह खुद को प्रोबेशनर बताती है, जबकि उसकी एक सहेली उसे सीनियर बताती दिखाई देती है।

वीडियो में तीनों सहेलियां विधानसभा आने की वजह और ब्लॉग बनाने को लेकर बातचीत करती नजर आती हैं। तृप्ति की सहेली बताती है कि वे विधानसभा अटेंड करने आई थीं। अंदर फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होने के कारण उन्होंने परिसर के बाहर ही वीडियो रिकॉर्ड किया। इस दौरान तीनों काफी सहज अंदाज में बातचीत और हंसी-मजाक करती दिखती हैं।

सहेली ने बताया सीनियर, तृप्ति ने खुद को कहा प्रोबेशनर
वीडियो में एक सहेली तृप्ति को अपनी सीनियर बताती है। इसके बाद तृप्ति खुद को सीनियर बताते हुए कहती है कि वह उनके साथ दोस्त की तरह रहती है। बातचीत के दौरान वह खुद को प्रोबेशनर भी बताती है। पुलिस अब इस वीडियो को जांच के नजरिए से महत्वपूर्ण मान रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तृप्ति ने सरकारी अधिकारी जैसी पहचान बनाने के लिए ऐसी गतिविधियों का इस्तेमाल कितने समय तक किया।

क्या लोगों पर प्रभाव डालने के लिए बनाए जाते थे वीडियो?
नए वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या तृप्ति जानबूझकर ऐसी जगहों पर वीडियो बनाती थी, जहां लोगों के बीच उसकी सरकारी अधिकारी जैसी छवि बन सके। वीडियो में दिखाई दे रही दोनों युवतियां उसके दावों के बारे में कितना जानती थीं, यह भी जांच का हिस्सा है। जरूरत पड़ने पर पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है।

तुम्हें क्या लगता था लड़किया फ्राड नहीं कर सकती?

ये तृप्ती ठाकुर हैं ये फर्जी IAS बन के रोब झाड़ रही हैं, इसमें सीनियर जूनियर अपने बन गई है,

फर्जी Ias कहती हैं की आये है हमलोग विधानसभा अटेंड करने सोचा की पहला व्लॉग बना लें,लेकिन किसको पता था ये आखिरी होगा, धर लीं...Real news pic.twitter.com/VCOYIUByvj

— Jai (@Bebakjai57) September 1, 2026

चंदेरी में 9.80 लाख की ठगी का आरोप
तृप्ति पर चंदेरी में चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 9.80 लाख रुपये लेने का आरोप है। पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान कथित फर्जी सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, तृप्ति अलग-अलग लोगों के सामने खुद को कभी IAS अधिकारी तो कभी मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताती थी।

CBI कार्ड और ‘भारत सरकार’ लिखी कार भी मिली
जांच में कथित तौर पर CBI लिखा पहचान पत्र, सरकारी लेटरहेड और ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार मिलने की बात सामने आई है। पुलिस मंत्रालय और IAS अधिकारियों के नामों की सूची तथा तृप्ति के कथित संपर्कों की भी जांच कर रही है।

भोपाल के बागसेवनिया थाने में भी तृप्ति के खिलाफ 39.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की FIR दर्ज है। पुलिस अब उसके कथित पूरे नेटवर्क और वीडियो में नजर आ रही सहेलियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।