नवरात्रि से पहले भोपाल में हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाव मंच ने गरबा आयोजकों से पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने और सुबह-शाम आरती कराने की मांग की है। समिति ने प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित कर पूजा कराने और इसके बाद पंचगव्य देने की भी अपील की है।
भोपाल में गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले पंचगव्य देने की मांग
- Published: 13 Sep 2026, 02:28 PM IST
- Last Updated: 13 Sep 2026, 02:28 PM IST
भोपाल: नवरात्रि शुरू होने से पहले भोपाल में गरबा आयोजनों को लेकर हिंदू संगठनों ने आयोजकों से धार्मिक और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखने की अपील की है। हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाव मंच ने शहर में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर कई मांगें रखी हैं। समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर गरबा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाए। इसके साथ सुबह और शाम आरती हो और धार्मिक गीतों व भजनों के साथ गरबा कराया जाए।
समिति ने गरबा पंडालों में प्रवेश की व्यवस्था को लेकर भी अलग मांग रखी है। चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित कर उसका पूजन कराया जाए। इसके बाद लोगों को पंचगव्य देकर पंडाल में प्रवेश दिया जाए। समिति का कहना है कि इससे गरबा आयोजनों का धार्मिक स्वरूप बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा और आरती की मांग
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मां की आराधना से जुड़ी परंपरा है। इसलिए पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा विधिवत स्थापित की जानी चाहिए। सुबह और शाम आरती के बाद धार्मिक गीतों और भजनों पर गरबा कराया जाए।
नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। सार्वजनिक पंडालों में घट स्थापना, पूजा, आरती और भजन के साथ शाम को गरबा व डांडिया के आयोजन होते हैं। शहरों में अब इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
वराह प्रतिमा की पूजा और पंचगव्य देने की अपील
समिति ने प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा रखने की भी अपील की है। संगठन के अनुसार, प्रवेश से पहले वराह प्रतिमा का पूजन कराया जाए और इसके बाद पंचगव्य ग्रहण कराने की व्यवस्था की जाए।
पंचगव्य में गाय का दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र शामिल होते हैं। धार्मिक परंपराओं में इसका इस्तेमाल पूजा और शुद्धीकरण से जुड़े अनुष्ठानों में किया जाता है।
अश्लीलता और फूहड़ता पर रोक की मांग
समिति ने गरबा आयोजनों में अश्लीलता और फूहड़ता पर रोक लगाने की मांग भी की है। तिवारी ने कहा कि नवरात्रि मां की आराधना का पर्व है, इसलिए कार्यक्रम में धार्मिक गीतों और भजनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आयोजन का माहौल नवरात्रि की परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए।
नियम नहीं माने तो कार्रवाई की चेतावनी
हिंदू उत्सव समिति ने आयोजकों से अपनी मांगों पर अमल करने की अपील के साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। समिति का कहना है कि पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने और नवरात्रि के धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। नियमों का पालन नहीं होने पर समिति अपनी ओर से कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगी।