July 28, 2026

कोंडागांव में शिक्षक संकट पर फूटा पालकों का गुस्सा : ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, BEO भी नहीं खुलवा पाए विद्यालय - Haribhoomi

कोंडागांव के अमोड़ीपारा प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज पालकों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। BEO की समझाइश भी बेअसर रही, शिक्षक नियुक्ति तक आंदोलन जारी रहेगा।

Angry villagers locked the school.

गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला

  • Published: 28 Jul 2026, 09:59 AM IST
  • Last Updated: 28 Jul 2026, 09:59 AM IST

कुलजोत सिंह संधु- फरसगांव। कोंडागांव जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बार फिर उजागर हुई है। माकड़ी विकासखंड के ग्राम रांधना स्थित अमोड़ीपारा शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षक नहीं होने से नाराज पालकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। हालात ऐसे रहे कि मौके पर पहुंचे विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भी ग्रामीणों को समझाकर स्कूल शुरू नहीं करा सके और बिना समाधान के लौटना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षकों की भारी कमी के कारण इन योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी ने संलग्न (अटैच) शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में लौटने का आदेश जारी किया था। इसके बाद रांधना अमोड़ीपारा स्कूल के पालकों ने भी लंबे समय से संलग्न प्रधान पाठक को वापस भेजने और स्कूल में नियमित शिक्षक की नियुक्ति की मांग तेज कर दी। 

कोंडागांव के अमोड़ीपारा प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज पालकों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। BEO की समझाइश भी बेअसर रही, शिक्षक नियुक्ति तक आंदोलन जारी रहेगा। pic.twitter.com/7O0J8V0nTk

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तीन वर्षों से है शिक्षक की कमी 
पालकों के अनुसार, विद्यालय पिछले तीन वर्षों से शिक्षक संकट से जूझ रहा है। प्रधान पाठक के संलग्नीकरण के बाद से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी।

BEO से बातचीत भी रही बेअसर 
तालाबंदी की सूचना मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पालकों से चर्चा कर स्कूल का ताला खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि, पालक अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्पष्ट कहा कि जब तक विद्यालय में नियमित शिक्षक की पदस्थापना नहीं की जाती, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा।

ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने कोंडागांव जिले की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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