पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी महायुद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने रणनीतिक दुश्मनों के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक और सीधा बयान देकर वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। यरुशलम स्थित राष्ट्रपति आवास पर इजरायल की घरेलू खुफिया और सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet / ISA) के उत्कृष्ट कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य केवल आतंकी संगठनों की सैन्य क्षमता को कमजोर करना नहीं, बल्कि तेहरान में बैठी ईरानी सरकार (ईरानी शासन) को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है। नेतन्याहू के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि तेल अवीव अब छद्म युद्ध यानी प्रॉक्सी वॉर से आगे बढ़कर सीधे सत्ता परिवर्तन (Regime Change) के खतरनाक एजेंडे पर काम कर रहा है।
'हम गिरा देंगे ईरानी शासन': तेहरान को सीधी चेतावनी
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान को इस पूरे क्षेत्रीय तनाव की जड़ बताते हुए कहा कि इजरायल के अस्तित्व को मिटाने की चाह रखने वाली ताकतों की कमर तोड़ी जा चुकी है। उन्होंने कहा, "ईरान और उसके सहयोगियों की इजरायल को खत्म करने की जो इच्छा थी, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन वह बेहद कमजोर हो चुकी है। उनकी हमला करने की क्षमता को हमने बहुत बुरी तरह तबाह कर दिया है। हमने अधिकांश काम पूरा कर लिया है, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण काम बाकी है और हम उसे भी हर हाल में पूरा करेंगे। हम हमास को समाप्त करेंगे और सबसे पहले तथा सबसे प्रमुख रूप से हम ईरान के शासन को हराएंगे। हम इसे गिरा देंगे, यह सरकार गिरकर रहेगी।" नेतन्याहू का यह बयान केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के इस्लामिक शासन के अंत का खुला रोडमैप पेश करता है।
7 अक्टूबर के कत्लेआम का हिसाब: हमास के लिए 'नो वन इज इम्यून'
गाजा पट्टी में इजरायली सेना (IDF) के लगातार जारी ऑपरेशनों का जिक्र करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री ने हमास को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार को याद करते हुए कहा कि हमारी सेना उन सभी हत्यारों से पाई-पाई का हिसाब चुकता कर रही है, जिन्होंने हमारे निर्दोष नागरिकों, बेटियों, महिलाओं और बच्चों की जान ली थी। नेतन्याहू ने शिन बेट और सेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, "जब हमने आतंकवादियों से कहा था कि 'कोई भी सुरक्षित नहीं है, हम तुममें से हर एक तक पहुंचेंगे', तो आप लोगों ने इस संकल्प को जमीन पर सच कर दिखाया है। अब हमास के बहुत कम लड़ाके और कमांडर बचे हैं, क्योंकि हम एक-एक करके उनका खात्मा कर रहे हैं।"
हिजबुल्लाह पर भी प्रहार: लेबनान सीमा पर दोतरफा मोर्चा
गाजा और तेहरान के साथ-साथ नेतन्याहू ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को भी बख्शने से साफ इनकार किया। उन्होंने घोषणा की कि जिस प्रकार हमास को घुटनों पर लाया गया है, ठीक उसी तरह हिजबुल्लाह से भी पूरी सख्ती से निपटा जाएगा और उसे भी पूरी तरह धराशायी किया जाएगा। इजरायली रक्षा बलों ने हाल ही में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के विशाल भूमिगत सुरंग नेटवर्क और मिसाइल ठिकानों को भारी बमबारी कर नष्ट किया है। नेतन्याहू और उनके रक्षा मंत्रालय का स्पष्ट मत है कि जब तक उत्तरी इजरायल की सीमा से हिजबुल्लाह को खदेड़कर लिटानी नदी के पार नहीं किया जाता, तब तक विस्थापित इजरायली नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी संभव नहीं है।
मिडिल ईस्ट में महाविनाश की आहट: क्या भड़केगा सीधा युद्ध?
बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब दुनिया भर के देश मिडिल ईस्ट में युद्धविराम (Ceasefire) कराने के कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं। ईरान की मौजूदा सरकार को सीधे तौर पर गिराने की सार्वजनिक घोषणा के बाद तेहरान की ओर से भी तीखी सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका बढ़ गई है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि इजरायल सीधे तौर पर ईरान के राजनीतिक और सामरिक नेतृत्व पर बड़े हमले करता है, तो लेबनान, यमन और इराक में मौजूद ईरानी समर्थक मिलिशिया एक साथ इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर सकते हैं। इससे वैश्विक समुद्री व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जो पूरी दुनिया को एक नए और विनाशकारी आर्थिक संकट की ओर धकेल देगा।