छतरपुर जिले के राजनगर जनपद शिक्षा केंद्र में BAC के पद पर कार्यरत शिक्षक राकेश द्विवेदी सोमवार सुबह घर से लापता हो गए। घर से निकलने से पहले वे मोबाइल वहीं छोड़ गए और एक पत्र भी लिखा।
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परिवार के मुताबिक, पत्र में DPC अरुण शंकर पांडेय, BRC अतुल चतुर्वेदी, अकाउंटेंट राजेश सिंह और CM राइज स्कूल के शिक्षक सुमन सिंह पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। शिक्षक के बड़े भाई संतोष कुमार द्विवेदी ने सिटी कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई है।
बेटे ने वीडियो जारी कर लगाए आरोप
राकेश द्विवेदी के बेटे सत्यव्रत द्विवेदी ने अपनी मां के साथ वीडियो जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि BRC अतुल चतुर्वेदी और तत्कालीन DEO अरुण शंकर पांडेय उनके पिता को परेशान करते थे।
सत्यव्रत के मुताबिक, उनके पिता से पैसे मांगे गए और मना करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी गई।
निलंबन और वेतन को लेकर भी आरोप
सत्यव्रत ने आरोप लगाया कि उनके पिता के पास रिश्वत मांगने से जुड़ी रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत थे। उनके मुताबिक, 2 मार्च 2024 को उन्हें पद से निलंबित कराया गया था।
इसके बाद उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट से स्टे लिया। बेटे का आरोप है कि स्टे मिलने के बाद भी एक सप्ताह तक जॉइनिंग नहीं दी गई और करीब पांच महीने तक वेतन नहीं मिला। परिवार के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही वेतन मिला है।
चाचा के निधन के बाद नोटिस मिलने का आरोप
सत्यव्रत ने बताया कि दो-तीन दिन पहले उनके पिता के चाचा का निधन हुआ था। इसके कारण वे राजनगर ड्यूटी पर नहीं जा सके।
बेटे का आरोप है कि इसकी जानकारी BRC अतुल चतुर्वेदी को होने के बावजूद उनके पिता के खिलाफ छह महीने के निलंबन का नोटिस कलेक्टर को भेजा गया।
इसके बाद वे मानसिक रूप से परेशान थे। सत्यव्रत ने कहा कि अगर उनके पिता के साथ कुछ होता है तो इसके लिए अतुल चतुर्वेदी जिम्मेदार होंगे।
BRC ने आरोप खारिज कर निष्पक्ष जांच की बात कही
BRC अतुल चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उनके मुताबिक, राकेश द्विवेदी की कार्यशैली और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर पहले भी नोटिस जारी हुए थे। उनसे काम में मिली कमियों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था और जवाब DPC को भेजा गया था।
बिल और किताबों के वितरण को लेकर विभागीय कार्रवाई
अतुल चतुर्वेदी के मुताबिक, राकेश द्विवेदी ने कुछ बिल भुगतान के लिए दिए थे, जिन्हें अकाउंटेंट राजेश सिंह ने विभागीय नियमों के तहत पास नहीं किया। उन्होंने कहा कि किताबों के लिए कर्मचारियों को अपनी जेब से पैसा नहीं लगाना होता।
शासन की ओर से पुस्तकों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है और संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी उनका वितरण सुनिश्चित करना है। इसी काम को लेकर राकेश द्विवेदी को विभागीय नोटिस दिया गया था।

राकेश द्विवेदी के बेटे सत्यव्रत द्विवेदी ने अपनी मां के साथ वीडियो जारी किया।
पांच दिन से कार्यालय नहीं आने की बात
BRC ने बताया कि राकेश द्विवेदी करीब पांच दिन से कार्यालय नहीं आ रहे थे। उनके मुताबिक, कार्यालयीन काम और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर पहले भी नोटिस दिए गए थे।
करीब दो दिन पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। समय पर जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
वेतन को लेकर BRC ने विभागीय बदलाव बताया
अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि ऑनलाइन अटेंडेंस और वेतन प्रक्रिया में बदलाव के कारण वेतन को लेकर दिक्कत आई थी। उनके मुताबिक, शिक्षा विभाग के मिशन से जुड़े कर्मचारियों का करीब तीन महीने का वेतन प्रभावित हुआ था और इस महीने दो महीने का वेतन अलग-अलग जारी किया गया है।
भाई ने पुलिस को पत्र सौंपने की बात कही
राकेश द्विवेदी के बड़े भाई संतोष कुमार द्विवेदी ने सिटी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवार के मुताबिक, पुलिस को शिक्षक का लिखा पत्र भी सौंपा गया है।
परिवार ने पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच कर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। पुलिस शिक्षक की तलाश कर रही है।